ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में अब तक इमरजेंसी सेवाएं दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। न तो संसाधन मुहैया हो सके हैं, न ही चिकित्सक समेत अन्य स्टाॅफ पूरा है। मरीजों को सामान्य सुविधाएं ही मिल पा रहीं है। गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है।
इमरजेंसी विभाग में आने वाले मरीजों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। भीड़ होने की स्थिति में बेड तक नहीं मिल पा रहा। वर्तमान में चार इमरजेंसी बेड ही हैं। इसके अलावा वार्ड में चार बेड की सुविधा है। अधिक मरीज आने पर इंतजार करना पड़ता है। यही नहीं महज चिकित्सक की जानकारी ही सूचना बोर्ड पर अंकित की जाती है। स्टाॅफ का डाटा बोर्ड पर अंकित नहीं होता है। इससे मरीजों व तीमारदारों को परेशानी होती है।
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वेंटिलेटर की नहीं है सुविधा
इमरजेंसी में एक भी वेंटिलेटर नहीं है। गंभीर स्थिति में आने वाले मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पाता। उन्हें रेफर करना पड़ता है। आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन चार से पांच मरीज रेफर होते हैं।
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नहीं है 24 घंटे ओटी की सुविधा : इमरजेंसी में ऑपरेशन थिएटर की सुविधा तो है, लेकिन इसे सीमित समय के लिए ही चलाया जा रहा है। स्टाॅफ की कमी से महज दिन में दो बजे तक ही चलता है। इसके बाद बंद हो जाता है। तीन शिफ्टों में संचालित करने के लिए स्टॉफ तैनात नहीं है। ऐसे में ओटी की सुविधा 24 घंटे नहीं मिल पा रही है।
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विशेषज्ञों की कमी
इमरजेंसी में प्रत्येक आवश्यक विभाग के चिकित्सक होने चाहिए, इनमें सर्जरी, ऑर्थो, मेडिसिन, पीडियाट्रिक आदि शामिल हैं। लेकिन, सीमित चिकित्सकों के सहारे ही इमरजेंसी संचालित हो रही है।
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इमरजेंसी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है।
डॉ. विशाल जैन, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज