ऊर्जा मंत्रालय की घोषणा के बाद सवा सौ संविदा बिजली कर्मचारियों को सीधा विभाग से पारिश्रमिक मिलेगा। अब तक संविदा कर्मचारियों को ठेकेदारों के माध्यम से पारिश्रमिक के भुगतान की प्रक्रिया थी, लेकिन ऊर्जा मंत्री द्वारा संविदा लाइनमैनों को सीधे बिजली विभाग से भुगतान की घोषणा की गई थी।
जनपद में 14 विद्युत सब स्टेशनों पर करीब 130 संविदा विद्युत लाइनमैन कर्मचारी विद्युत कार्य कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा ललितपुर बिजली विभाग में इटावा के भरथना की नेशनल कंपनी को संविदा कर्मियों से विद्युत कार्य लेने का ठेका दिया गया है। कंपनी के ठेकेदार को कमीशन के आधार पर संविदा कर्मियों को रखा जाता है। ठेकेदारी प्रथा में लाइनमैन संविदा कर्मचारियों पर कंपनी के ठेकेदार का हमेशा दबाव बना रहता है। करीब चार वर्ष से जो भी ठेकेदारी वाली कंपनी होती है, वह इन लाइनमैन कर्मचारियों को पांच से छह माह के पारिश्रमिक का भुगतान रोके रखती हैं और पिछले एक वर्ष पूर्व तक का ईपीएफ भी ठेकेदारों द्वारा इन कर्मचारियों को नहीं दिया गया है।
उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ और विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन द्वारा संविदा लाइनमैन कर्मचारियों को ठेकेदारी प्रथा खत्म कर समान कार्य समान वेतन की मांग वर्षों से की जा रही है। लेकिन अब ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा द्वारा लाइनमैन संविदा कर्मचारियों के हित में संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक सीधे पावर कार्पोरेशन द्वारा कर्मियों के खातों में भेजने की घोषणा की है। जबकि एक मई से ऐसे संविदा कर्मियों को कार्य के दौरान मौत पर उनके परिजनों को एक लाख रुपये की बजाय पांच लाख रुपये मुआवजा का नियम एक मई से लागू भी कर दिया गया है। इसके आदेश भी बिजली विभाग में आ चुके हैं।
काफी संघर्ष के बाद अब राहत की उम्मीद बढ़ी
वर्षों से ठेकेदारों के अंतर्गत काम करने के बाद भी कभी समय से पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया है। परिवार के भरण पोषण केे लिए हर माह मजदूरी के लिए जूझना पड़ता है। लेकिन जब ठेकेदार की मर्जी होती, मानदेय तभी मिलता है। अब वर्षों के संघर्ष के बाद शासन द्वारा सीधे बिजली विभाग से जोड़ने की पहल की गई है, जिससे संविदा कर्मचारियों को राहत की उम्मीद बढ़ी है।
छोटेलाल दुबे, महामंत्री उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ।
सभी को समान कार्य का समान वेतन मिले
विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन द्वारा संविदा कर्मचारियों को मुआवजा बढ़ाने की मांग उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा पूरी कर दी गई है। इसके साथ ही अब सभी कर्मचारियों को समान कार्य का समान वेतन मिले, जो अब संगठन की महत्वपूर्ण मांग है। ऊर्जा मंत्री की घोषणा से ठेकेदारी प्रथा खत्म होने से कमीशन का काम अब पूरी तरह खत्म हो जाएगा और जिसका सीधा लाभ संविदा कर्मचारियों को मिल सकेगा। संविदा कर्मचारियों को विभाग से भुगतान के साथ ही सीधा जोड़ दिया जाए, तो विभाग का भी हित ही होगा और संविदा कर्मियों से बेहतर कार्य लिया जा सकेगा।
लालदास नामदेव
बच्चों का भविष्य संवार सकेंगे
लाइनमैन के रूप में कार्य करते बीस वर्ष हो गए हैं। संविदा ठेकेदारों द्वारा कभी भी समय से वेतन नहीं दिए जाने के चलते बच्चों की स्कूल की फीस भरने में भी परेशानी होती है। परिवार का भरण पोषण किसी प्रकार किया जा रहा है। 20 वर्ष का समय विभाग में निकल चुका है। यदि उन्हें अब भी सीधे बिजली विभाग से खाते में भुगतान किया जाता है, तो इससे उनके बच्चों की स्थिति में सुधार जरूर हो सकेगा।
रामसेवक।
त्योहार मनाने को समय से मिल सकेगी मजदूरी
तीस दिन कार्य करने पर छह माह में भुगतान दिया जाता है। जिससे त्यौहार भी हमेशा तंगी में ही मनाया जाता है। इस निर्णय से अब उम्मीद जागी है, ताकि हमारे परिवार में महीने में पंद्रह दिन बाद ही सही उसी माह पारिश्रमिक तो मिल सकेगा।
अलीम
शोषण से मिलेगी मुक्ति
महीने भर कार्य करने के बाद मानदेय मांगने पर ठेकेदारों द्वारा शोषण किया जाता रहा है, लेकिन अब बिजली विभाग से सीधे जुड़कर खाते में मानदेय और ईपीएफ समय से मिलने से ठेेकेदारों के शोषण से मुक्ति मिल सकेगी। ठेकेदारों अनावश्यक परेशान नहीं कर सकेगा। पूरे महीने भर मेहनत से कार्य के बदले ठेकेदारों की बातें ही सुनने को मिलती हैं, जिनसे छुटकार्राल सकेगा।
रामपाल।