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ओवरलोड से विद्युत फीडरों की मशीनें हो रही बार-बार ट्रिप

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transfarmers - फोटो : transfarmers
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ललितपुर। सिंचाई का सीजन होने के दौरान बिजली सब स्टेशनों के विद्युत फीडरों की वीसीबी मशीनें ओवरलोड होने के कारण बार-बार ट्रिप हो रही हैं, जिससे बिजली की आपूर्ति बाधित हो रही है। इसके साथ ही ओवरलोड होने पर लो वोल्टेज होने से नलकूप पर पानी की मोटरें भी नहीं चल पा रही हैं। ऐसे में किसानों को नलकूप संयोजन लेने के बाद भी सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इसकी एक वजह स्थायी व अस्थायी संयोजन से हटकर कई लोग चोरी से अलग से केबलें डालकर भी मोटरें चला रहे हैं। जिससे फीडरों की मशीनों पर ओवरलोड की स्थिति बार-बार बन रही है।
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वर्तमान में रबी की फसल की बुवाई करने के लिए किसान खेतों में पलेवा की पहली सिंचाई कर रहे हैं। ऐसे में पूरे जनपद में किसान सिंचाई में जुटे हुए हैं। जहां नहर का पानी नहीं पहुंच सकता है, उन स्थानों पर साढ़े छह हजार से अधिक किसानों द्वारा बिजली विभाग से स्थायी और लगभग दो हजार से अधिक किसानों द्वारा नलकूप के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेकर सिंचाई की जा रही है लेकिन बहुत से लोग कनेक्शन नहीं ले पाने के चलते अलग से केबलें डालकर कुआं, नदी व तालाब से मोटरों द्वारा सिंचाई कर रहे हैं। ऐसे में विद्युत सब स्टेशनों पर विभिन्न फीडरों की मशीनों पर ओवरलोड की स्थिति बन रही है और क्षमता से अधिक लोड होने पर मशीनें बार-बार ट्रिप हो रही हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश फीडरों के किसानों को टुकड़ों में आठ घंटे से भी कम बिजली मिल पा रही है। जिसके चलते नलकूप संयोजन वाले किसानों की सिंचाई बरी तरह प्रभावित हो गई है।
ऐसा ही हाल वर्तमान में बाईपास स्थित 33 केवी व गल्ला मंडी सब स्टेशनों के अधिकांश ग्रामीण फीडरों का है, जो ओवरलोड चल रहे हैं। बाईपास सब स्टेशन के कल्यानपुरा फीडर की रात दस बजे यह स्थिति रही कि फीडर की वीसीबी मशीन का लोड 200 एंपियर से तक रहा। जबकि सामान्य दिनों में इस पर 100 से 120 एंपियर तक ही लोड रहता है। जबकि वीसीबी मशीन की क्षमता 200 एंपियर लोड की ही है। इसकी वजह से इस फीडर की मशीन बार-बार ट्रिप होती रही। ऐसे में लोड अधिक होने पर मशीन में खराबी न आए या फिर ट्रिप न हो जाए, इसके चलते सब स्टेशन ऑपरेटर को ही मशीन को कई बार बंद करना पड़ता है। ऐसा ही हाल बिरधा, पाली, बानपुर, महरौनी, मड़ावरा व सोजना के फीडरों का भी है, जहां बिजली आते ही किसान सिंचाई के लिए मोटरें चलाते हैं और मशीनों पर कुछ ही देर में सामान्य से पचास से साठ एंपियर या इससे भी अधिक लोड बढ़ जाता है।
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कटिया डालने वालों के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान
सिंचाई के सीजन में निर्धारित कनेक्शनों के अलावा अलग से केबलें डालकर पानी की मोटरें चलाने वालों के खिलाफ बिजली विभाग की टीमों द्वारा अभियान चलाया जा रहा है और खेतों में जाकर अवैध रूप से चल रही पानी की मोटरों की जांच की जा रही है और ऐसे लोगों की केबिलें जब्त कर उनके खिलाफ एफआईआर भी कराई जा रही है।
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सिंचाई के सीजन में किसानों को कम से कम दस घंटे बिजली आपूर्ति देने का प्रयास किया जा रहा है। कटिया डालकर बिजली चोरी से मोटरें चलाने वालों के खिलाफ टीमों द्वारा अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।
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-आकाश सचान, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड द्वितीय, ग्रामीण।
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