ललितपुर। दिन हो चाहे रात शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अंधाधुंध कटौती की जा रही है। बिजली कटौती के चलते आमजन का जीना दुश्वार हो गया है। हैरत की बात तो यह है कि इस समस्या पर जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे हैं। लोगों ने डीएम से रोस्टर के अनुसार सप्लाई दिलवाने की मांग की है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटों में मात्र छह से सात घंटे ही बिजली आती है। रात में तो हालत और भी बदतर हो जाती है। उमस भरी गर्मी में रात करीब 12 बजे से दो बजे तक ही बिजली आती है। इसके बाद सुबह करीब साढे़ चार बजे बिजली आ रही है। यही हाल दिन में रहता है। दिन में भी मात्र दो से तीन घंटे ही बिजली की सप्लाई आ रही है। दिन रात की बिजली कटौती होने से लोगों की दिनचर्या में काफी दिक्कतें आ रही है। सबसे ज्यादा हालत खराब तो बच्चों व बुजुर्ग लोगों का हो रहा है। वह भीषण उमस भरी गर्मी में तड़फते रहते है। ऐसा नहीं है कि बिजली कटौती सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का सता रही है। शहरी व कस्बा क्षेत्र के लोगों को भी बिजली की कटौती रुला रही है। बिजली की अंधाधुंध कटौती व्यापारियों के व्यापार पर भी काफी असर डाल रही है। बिजली पर निर्भर व्यापारियों के काम ठप पड़ गए है। जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं जब बिजली विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की जाती है तो उनका रटा-रटाया जवाब होता है कि ऊपर से बिजली की कटौती की जा रही है। बिजली कटौती से परेशान लोगों ने प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से इसमें जल्द से जल्द सुधार करने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है।
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रोस्टर जारी कर विभाग झाड़ रहा जिम्मेदारी से पल्ला
जनपद में धुंआधार बिजली कटौती से एक तरफ लोगों का जीना मुश्किल बना हुआ है और भीषण उमस भरी गर्मी और तेज धूप से लोग परेशान है। दूसरी तरफ कटौती का रोस्टर जारी कर बिजली विभाग अपनी फाइलों में जिम्मेदारी निभा ले रहा है।
बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर जलापूर्ति पर हो रहा है। इसके साथ बूढे, बच्चों सहित बिजली कटौती के चलते बिजली पर निर्भर व्यापारियों को काफी परेशानी व नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही हाल औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा में स्थित कारखानों का है। यहां बिजली कटौती से व्यापार ठप हो रहा है। प्रशासन को बिजली कटौती की समस्या को जल्द से खत्म करने की दिशा में ठोस काम करना चाहिए।
जनपद में की जा रही बिजली कटौती से व्यापार काफी प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिजली कटौती से जूझ रहे जनपवासियों की समस्या को देखते हुए प्रशासन को इसे सुधारने की दिशा में काम करना चाहिए।
प्रदीप त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
मंगलवार से 20 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल जारी हुआ है। आकस्मिक कटौती होने से बिजली प्रभावित होती है। तय शेड्यूल के अनुसार सब स्टेशन से बिजली की आपूर्ति की जाएगी। -आकाश सचान, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग