ललितपुर। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता एवं वन विभाग के तत्कालीन डीएफओ से जन सूचना अधिकार से मांगी गई सूचनाएं विलंब से देने के मामले में राज्य सूचना आयुक्त ने 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
मोहल्ला महावीरपुरा निवासी अंतिम कुमार जैन ने उत्तर प्रदेश सूचना आयोग में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग द्वारा विलंब से सूचनाएं देने के मामले में 25 जून 2019 अपील की गई थी। इसमें प्रतिवादी की ओर से क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी अब्दुल समी अंसारी उपस्थित हुए, जिन्हें अगली तारीख देकर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन नियत तिथि पर प्रतिवादी की ओर से पेश हुए प्रभागीय निदेशक वानिकी प्रभाग के वरिष्ठ सहायक सुचेत कुमार द्वारा विलंब से सूचनाएं देने के बारे में न तो स्पष्टीकरण दिया गया और न ही कोई स्थिति स्पष्ट की गई। जिस पर उत्तर प्रदेश सूचना आयोग ने तत्कालीन प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। इसी प्रकार एक अन्य मामले में गांधीनगर निवासी गौरव तिवारी द्वारा भी बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता से जन सूचना अधिकार के माध्यम से मांगी गई सूचना डेढ़ वर्ष विलंब से देने के मामले में राज्य सूचना आयुक्त चंद्रकांत पांडेय ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता पर भी 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।