कारीटोरन / ललितपुर। कहीं नहर की टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है तो कहीं रात्रि में बिजली अचानक चली जाती है। ऐसे में खेतों में खड़ी फसल को पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों की मुुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ब्लाक बार के कई गांवों का यही हाल है। रात्रि में बिजली गुल होने से सिंचाई नहीं हो पा रही है।
ब्लॉक बार क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कारीटोरन, खजरा, बरखिरिया व इमिलिया गांव में किसानों को सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिल रही है। बुधवार की रात्रि दस बजे से बिजली गुल है। किसानों का कहना है कि यह स्थिति आए दिन बन रही है, क्योंकि देवरानघाट से प्रतिदिन लाइट काट दी जाती है। सिंचाई के अभाव में खेतों में खड़ी फसल सूखने लगी है। इस संबंध में जिलाधिकारी को शिकायत पत्र दिया गया था, इसके बाद भी बिजली की आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ है। यदि बिजली आपूर्ति ऐसी होती रही तो फसल सूख जायेगी।
उधर, तहसील ललितपुर के अंतर्गत ग्राम खड़ोवरा के किसानों ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर इमलिया माइनर तक पानी नहीं पहुंचने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में कहा गया कि पैंतीस से चालीस दिन गुजरने के बाद भी बड़ी नहर का पानी खेतों में नहीं पहुंचा है। इससे फसलें सूखने के कगार पर हैं। उन्होंने इमलिया माइनर के ग्राम खड़ोवरा तक गोविंद सागर बांध की बड़ी नहर का पानी पहुंचाने की मांग की है। शिकायत पत्र पर कैलाश, हरगोविंद, रामकुमार झा, मान सिंह, सुजान सिंह, कंछेदी यादव, प्रह्लाद, हुकुम सिंह, बालकिशन, शिवचरन, ग्यासी, सुदामा, रामसेवक आदि के हस्ताक्षर हैं।
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चौबीस घंटे में मुश्किल से दो घंटे बिजली मिल रही है। ग्राम खजरा, कारीटोरन, इमलिया, बरखिरिया में फसल सूख रही हैं। यदि यही हाल रहा तो गेहूं की फसल भी सूख जाएगी। - मयंक कौशिक
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देवरानघाट से आए दिन लाइट काट दी जाती है। कौन काट रहा है, इसका पता नहीं चल रहा है। या तो कर्मचारी इसमें शामिल है या फिर कोई शरारत कर रहा है। इससे चार गांवों की लाइट प्रभावित हो जाती है। यदि ऐसे ही रहा तो फसल सूखने में देर नहीं लगेगी।
- प्रीतम अहिरवार