शासन की मंशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटा बिजली नहीं मिल पा रही है। कभी फाल्ट तो कभी शटडाउन के नाम पर खूब कटौती हो रही है। देवगढ़ फीडर की बिजली बुधवार की दोपहर को गुल होने के बाद 12 घंटे बाद आधी रात को सुचारु की जा सकी। इसके कारण ग्रामीणों को अघोषित कटौती के कारण भीषण गर्मी में दिन भर परेशान होना पड़ा।
बिजली विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे और शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर लागू किया गया है। पनकी कंट्रोल द्वारा रोस्टर के आदेश सभी विद्युत सब स्टेशन पर मुहैया भी कराए जा चुके हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी स्थिति जस की तस है। कई ग्रामीण फीडरों को तो 24 घंटे में ही मुश्किल से 12 से 15 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। ऐसा ही कुछ हाल आजकल गल्ला मंडी सब स्टेशन में स्थापित देवगढ़ फीडर का चल रहा है। बुधवार की दोपहर करीब एक बजे देवगढ़ फीडर की बिजली फाल्ट में बंद हो गई। जिसे विद्युत कर्मियों द्वारा सुधारने का प्रयास किया, लेकिन लाइन में फाल्ट को दिन भर में भी नहीं खोजा जा सका।
किसी प्रकार बुधवार की देर रात को ही एक बजकर 15 मिनट बजे देवगढ़ फीडर को महेशपुरा तक सुचारु किया जा सका। इसके बाद फिर से शटडाउन लेकर पूरी आपूर्ति बुधवार को देर रात को दो बजकर 25 मिनट बजे के बाद सुचारु किया जा सका। अवर अभियंता अरविंद पाखरे ने बताया कि उनके क्षेत्र में देवगढ़ व राजघाट फीडर आते हैं। इसके साथ ही जाखलौन पंप केनाल और भारत एक्सप्लोसिव भी उनकी परिक्षेत्र में अतिरिक्त है। देवगढ़ फीडर जिसकी लाइनें करीब 45 किलोमीटर क्षेत्र में स्थित है, इसके लिए दो संविदा कर्मी और एक लाइनमैन है। जबकि राजघाट फीडर के 22 किलोमीटर के क्षेत्र में एक संविदा कर्मी और एक लाइन मैन कार्यरत हैं। यदि कहीं भी फाल्ट आता है, तो देवगढ़ फीडर के लाइनमैन कर्मियों द्वारा रात में फाल्ट खोजकर ठीक किया जाता है, जिसमें अधिक समय लगता है। ऐसा ही हाल राजघाट फीडर का भी है।