ललितपुर। निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों की ग्राम प्रधान के चुनाव में कार्मिकों की ड्यूटी लगाने में मनमानी उजागर हो रही है। खंड शिक्षा अधिकारियों की एक समय पर दो ड्यूटी लगा दी गई हैं। पहले से एआरओ बने खंड शिक्षा अधिकारी को मतगणना पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जिससे उनके सामने असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की मतदान में ड्यूटी लगाई गई है तथा अधिकारियों को आरओ और एआरओ की जिम्मेदारी दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारियों को पहले पीठासीन अधिकारी बनाया गया।
इसी दौरान उन्हें रिजर्व एआरओ की जिम्मेदारी दे दी गई। इसपर उन्होंने दोनों ड्यूटी करने की कोशिश की। इसी दोहरी ड्यूटी के फेर में खंड शिक्षा अधिकारी बिरधा एनएल शर्मा कानूनी फंदे में फंस गए।
थाना बार में उनकी प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। अब एक बार फिर दोहरी ड्यूटी का झमेला खड़ा हो गया है। खंड शिक्षा अधिकारी मड़ावरा जगत सिंह राजपूत पहले से मड़ावरा में रिजर्व एआरओ नियुक्त हैं। नई ड्यूटी में उन्हें ब्लाक जखौरा में मतगणना पर्यवेक्षक बनाया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार पुरोहित एआरओ महरौनी हैं,
इसके साथ जखौरा में मतगणना पर्यव ेक्षक बनाए गए हैं। इसी तरह अन्य खंड शिक्षा अधिकारी दोहरी ड्यूूटी का पत्र पा चुके हैं। ऐसे में उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि वह कौन सी ड्यूटी को प्राथमिकता में रखे? इस पूरे मामले में निर्वाचन से जुड़े आला अधिकारी मौन बने हुए हैं।
वितरित नहीं हो पा रहे ड्यूटी पत्र
शिक्षा विभाग के तमाम शिक्षकों के कार्यस्थल बदल गए हैं। लेकिन, ड्यूटी पत्र पर पुराने कार्यस्थल व मोबाइल नंबर दर्शाए जा रहे हैं। इस कारण संबंधित शिक्षक व शिक्षिकाओं को ड्यूटी पत्र रिसीव नहीं हो पा रहे हैं।
महिला अधिकारों का हो रहा उल्लंघन
रात्रि में महिलाओं को ड्यूटी नहीं कराने के नियम कायदे बनाए गए हैं। निर्वाचन ड्यूटी में इसकी अनदेखी कर दी गई है। महिला शिक्षिकाओं को मतगणना कार्मिक बना दिया है, जिससे शिक्षकों में रोष पनप रहा है।