कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला डोड़ाघाट में बुधवार को दोपहर में सात गोवंश की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। एक बीमार गाय का उपचार चल रहा है। पशु चिकित्सकों ने फूड प्वाइजनिंग से मौत होने की आशंका जताई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने होने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। उधर, गोवंशों की मौत होने को लेकर मोहल्लेवासियों में रोष फैल गया।
मोहल्ला डोड़ाघाट में बुधवार दोपहर करीब 1 बजे अचानक 6 से अधिक गोवंश की तबियत बिगड़ने लगी। इनमें से एक गाय की मौत हो गई। इसके बाद कई और बछिया, बछड़ों की मौत हो गई। मोहल्लेवासियों की सूचना पर गोपुत्र सेना व गोसेवा मंडल के कार्यकर्ता व पशु चिकित्सक मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गोपुत्र सेना के कार्यकर्ताओं की मदद से बीमार गायों का इलाज शुरू किया। देर शाम तक 8 गोवंश की मौत होने की सूचना है। घटना की सूचना पर सीओ सदर राजा सिंह, शहर कोतवाल निगवेंद्र सिंह, गोविंद सागर बांध चौकी इंचार्ज अजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। नगर पालिका परिषद के अधिकारियों ने मृत गायों के शवों को उठवाकर पोस्टमार्टम स्थल पहुंचाया। जहां उनका पोस्टमार्टम किया जा रहा है। गायों की संदिग्ध अवस्था में हुई मौतों को लेकर मोहल्ले वासियों में आक्रोश फैल गया। गोसेवा मंडल के सुनील पुरोहित का कहना है कि गायों की मौत फ़ूड प्वाइजनिंग से हो सकती है। सीओ सदर राजा सिंह ने बताया कि मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौतों का कारण स्पष्ट हो पाएगा ।
जांच जारी
छह गोवंश के शव डोडाघाट क्षेत्र में पाए गए हैं। जानवरों के मुंह से झाग निकल रहा था तो उनके पेट भी फूले थे। इसके वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। जिस पर पशु चिकित्सकों के अनुसार फूड प्वाइजनिंग से गोवंश की मौत होने की आशंका जताई है। मामले की वास्तविकता के लिए जांच जारी है।
निगवेंद्र प्रताप सिंह
प्रभारी कोतवाली निरीक्षक
डीएम को घटना से कराया अवगत
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को घटना के संबंध में पूरी जानकारी दी गई है। बीमार पशुओं में जो लक्षण देखे जा रहे हैं, उनसे फूूड प्वाइजनिंग होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
डा. एसके शाक्य
मुख्य पशु चिकित्सक
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खुले में खाद्य पदार्थ फेंकने पर लगाई जाए रोक
गोपुत्र सेना के प्रशांत शुक्ला ने नेतृत्व में गो सेवकों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसमें कहा गया कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी घटनाएं घटित हो चुकी हैं। पूर्व में होटल संचालक एवं विवाह घर संचालकों से खुले में खाद्य पदार्थ नहीं फेंकने पर सहमति बनी थी, इसके बाद भी संचालक बेपरवाह बने हुए हैं। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए। ज्ञापन पर अभिषेक दुबे, उमेश, मनीष दुबे के हस्ताक्षर बने हैं।