ललितपुर। कोरोना के चलते दो साल बाद स्कूल खुलने पर काफी कुछ बदल गया है। स्कूल तकनीक की ओर बढ़ रहे हैं। बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि जगाने के लिए प्रोजेक्टर से पढ़ाई कराई जा रही है। टेस्ट में भी आसान व उपयोगी प्रश्नों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। स्मार्ट क्लास लगाकर नई नई एक्टिविटी की जा रही हैं। कमजोर बच्चों के लिए अलग से टेस्ट और कक्षाएं भी चलाई जा रही हैं।
कोविड काल में दो साल तक बच्चों के लिए विद्यालय प्रशासन द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई कराई गई। जिससे बच्चों में ऑफलाइन कक्षाओं के प्रति दिलचस्पी कम हो गई। कोविड काल के बाद अब बच्चों की पढ़ाई के लिए आफलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैं।
ऐसे में कई विद्यालयों में पढ़ाई को दिलचस्प बनाने के लिए नए नए तरीके से पढ़ाई के साथ ही एक्टिविटी, गेम्स, खेलकूद आदि भी कराए जा रहे हैं। विद्यालयों में प्रोजेक्टर के माध्यम से भी पढ़ाया जा रहा है। वहीं शिक्षक भी बच्चों का काफी सहयोग कर रहे हैं।
अध्यापकों को भी विषयों से संबंधित अभ्यास करके आना पड़ रहा है। इसमें अभिभावकों से भी सहयोग लिया जा रहा है, ताकि वह घर पर भी बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें।
-अनिल पांचाल, शिक्षक
दो वर्षों में बच्चों के साथ ही विद्यालय की परिस्थितियों में काफी बदलाव हुआ है। स्मार्ट क्लास लगाकर एलईडी से भी पढ़ाई कराई जा रही है। साथ ही बच्चों के लिए एक्टिविटी में बदलाव भी किया है, ताकि बच्चे स्कूल के माहौल में ढल सकें और उनमें पढ़ाई के प्रति निरंतरता बनी रहे।
गायत्री राजन
ऑनलाइन से ऑफलाइन तक आने में बच्चे दो साल में असहज महसूस कर रहे हैं, इसके लिए ऑफलाइन क्लास में प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है।
-प्रकाश खरे, प्रधानाचार्य, पहलवान गुरूदीन पब्लिक स्कूल।