ललितपुर। मंगलवार को शिक्षा मित्रों ने संयुक्त शिक्षा मित्र संघर्ष समिति के बैनर तले विभागीय कर्मियों के कामकाज से नाराज होकर बीएसए कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा मित्रों को वेतन नहीं दिया जा रहा है, जिससे वह तंगहाली में जीने को विवश हैं। शिक्षा मित्रों ने मंगलवार को बीएसए कार्यालय का घेराव किया। शिक्षा मित्र मुख्य गेट पर न केवल बैठ गए, बल्कि चैनल में संगठन का बैनर बांध दिया। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों का निकलना मुश्किल हो गया। इस दौरान सुदामा प्रसाद दुबे ने शिक्षा मित्रों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि शिक्षा मित्रों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे उनकी समस्या कम होने की जगह बढ़ रही हैं। कइयों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं हो पाया है, तो वेतन भी अटका पड़ा है। इन हालातों में शिक्षा मित्रों की स्थिति गड़बड़ा गई है। भगवत सिंह बैस ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीएसए कार्यालय में दलाली प्रथा हावी हो गई है। उन्होंने दलालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। योगेंद्र सिंह परमार ने आरोप लगाया कि बीएसए कार्यालय में दलालों का मकड़जाल है, जिस कारण कोई भी काम आसानी नहीं हो पा रहा है। जब शिक्षा मित्रों की समस्याओं को नहीं सुना गया तो उन्होंने डीएम कार्यालय की ओर रुख किया। यहां बैठकर उन्होंने रामधुन गाई। तदोपरांत प्रशासनिक अफसरों को ज्ञापन दिया। इस पर सुदामा प्रसाद दुबे, भगवत सिंह बैस, राजीव त्रिपाठी, हरपाल सिंह बुंदेला, गोविंद बिहारी दुबे, राघवेंद्र चौहान, शकुनबाई, किरन, सुनीता, बेबी यादव, ममता, रीता पाराशर, नीलम रिछारिया, राकेश शर्मा, हेमलता कुशवाहा, गीता पुरोहित, राजेंद्र पंथ, राजेश, योगेंद्र सिंह, मनोहर सिंह बुुंदेला, राघवेंद्र सिंह, रामकुमार शर्मा, श्रीनारायण पांडे, नीता पुरोहित, राजाबेटी आदि के हैं।