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गेहूं खरीद: इस्तेमाल होने से पहले ही बिगड़ ई-पॉश मशीन

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ललितपुर। गेहूं खरीद में इस्तेमाल होने से पहले ही ई-पॉश मशीन खराब हो गई हैं। चार मशीनों के साफ्टवेयर में कमी होने के चलते उन्हें उपयोग में नहीं लाया जा सका है। अब खराब मशीनों को सुधारने के लिए ईजीनियर को बुलाया गया है।
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शासन ने गेहूं खरीद में पारदर्शिता लाने के मकसद से ई-पॉश मशीनों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। विपणन विभाग ने ई टेंडर के माध्यम से ई-पॉश मशीनें खरीदी हैं। चयनित फर्म ने अभी छह मशीनों की आपूर्ति की है, इनमें से चार मशीनों को तकनीकी कमी के चलते उपयोग में नहीं लाया जा सका है। वर्तमान में जिले में केवल दो मशीनों को ही इस्तेमाल किया जा रहा है। एक मशीन गौना और एक अन्य मशीन बिरधा क्रय केंद्र पर लगाई गई है, जो मशीनें खराब हैं, उन्हें सही कराने के लिए ईजीनियर को बुलाया गया है। अवशेष मशीनों की उपलब्धता के लिए विभाग द्वारा पत्राचार किया गया है। वर्तमान में ई-पॉश मशीनों के अभाव में पूर्व की भांति गेहूं की खरीद की जा रही है। अब तक जिले के क्रय केंद्रों पर कुल 2581 किसान अपनी उपज बेच चुके हैं। इस तरह कुल खरीद 14166.85 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। विभागवार खरीद पर नजर डालें तो खाद्य विभाग ने 2669 मीट्रिक टन, पीसीएफ ने 10437.15 मीट्रिक टन, भारतीय खाद्य निगम ने 1060 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है।
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इतने केंद्रों पर हुई खरीद
शुक्रवार को जिले में कुल 52 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदा गया है। इनमें खाद्य विभाग के 6, पीसीएफ के 44, भारतीय खाद्य निगम के 2 क्रय केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों पर ई-पॉश मशीन लगाई जानी है।
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चार ई-पॉश मशीन के साफ्टवेयर में कमी है, इसे ठीक कराने के लिए पत्राचार किया है। अवशेष मशीनों की उपलब्धता के लिए भी कार्रवाई चल रही है।
राकेश कुमार त्रिपाठी
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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