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प्रदोष काल में करें लक्ष्मी जी की पूजा

Sun, 30 Oct 2016 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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puja, lalitpur news - फोटो : demo
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दीपावली 30 अक्तूबर को है। इस दिन चित्रा/स्वाती नक्षत्र है, प्रीति योग तथा चंद्रमा तुला राशि में संचार करेगा। इस वर्ष दीपावली पर प्रदोष काल की अवधि दो घंटे 32 मिनट है। ज्योतिषियों के अनुसार लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में ही करनी  चाहिए। यह शुभ फलदायक  मानी जाती है। 
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30 अक्तूबर को शाम 7 बजे से 8 बजकर 34 मिनट तक शुभ मुहूर्त है। इस मुहूर्त की कुल अवधि 1 घंटे 34 मिनट है। इस पूजा के लिए प्रदोष काल शाम 6 बजकर 2 मिनट   से 8 बजकर 34 मिनट तक है। वहीं वृषभ काल शाम 7 बजे शुरु होगा और 9 बजे  खत्म  होगा। प्रदोष काल की अवधि में पूजा करना आवश्यक है। दीपावली की  तैैयारियां  शहरवासियों द्वारा महीने भर से पूरे उमंग व उत्साह के साथ की  जा रही हैं।  खासकर बच्चों में दीपावली को लेकर काफी उत्साह है। लोगों ने लक्ष्मीजी व गणेशजी  की पूजा के लिए  नए सामानों की खरीदारी भी खूब की।  स्टील व पीतल के  बर्तनों की खरीदारी से लेकर पूजन के लिए लक्ष्मी-गणेश के  चांदी के सिक्कों  की खरीदारी भी खूब हुई। 

बाजारों में छाए फूलों व शंखनुमा दीपक
 बाजारों में इस बार चाइनीज सामान के बहिष्कार का असर इतना रहा कि शहर में  देसी मिट्टी व कानपुुरी लाल मिट्टी से बने फूलों व शंखनुमा दीपक विशेष  आकर्षण रहे। यह आकर्षक दीपक पांच रुपये से लेकर बीस रुपये, चालीस रुपये और  पचास रुपये में भी लोगों ने खूब खरीदे। वहीं ग्वालिन भी  पंद्रह रुपये से लेकर तीस रुपये तक में बिक रही हैं। प्लास्टर ऑफ पेरिस से  बनी आकर्षक ग्वालिन बीस रुपये से लेकर आकार के अनुसार 60 रुपये और 80 रुपये तक  में बिक रही हैं। 
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पटाखा बाजार में कम रही खरीदारी
 शहर में श्रीतुवन मंदिर प्रांगण में लगाए गए पटाखा बाजार में पटाखों की  खरीदारी तो हुई, लेकिन गत वर्ष की तुलना में बाजार धीमा रहा। पटाखा बाजार में चाइनीज सामान नहीं होने का असर बताया जा रहा है। हालांकि  पटाखे लेने को बच्चों में उत्साह जरुर दिखा।
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