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लॉकडाउन में किसानों की मददगार बनी सम्मान निधि

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ललितपुर। वैश्विक महामारी को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से लोगों की आर्थिक स्थित खराब हो गई है। जहां किसानों को भी उपज बचने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लेकिन, किसानों को इस संकटकाल में किसान सम्मान निधि मददगार साबित हो रही है। अब तक दो लाख से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा चुका है।
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लॉकडाउन के कारण किसान अपनी उपज सुलभता से नहीं बेच पा रहे। सहकारी समितियों में उठान नहीं होने से गेहूं खरीद नहीं हो पा रही है। सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए गल्ला मंडी में ट्रैक्टरों की कम आवक हो पा रही है। ऐसे में किसानों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लाभकारी साबित हो रही है। योजना में किसानों को वर्ष में तीन बार दो-दो हजार रुपये की किस्त का भुगतान किया जाता है। जिलें में दो लाख 43 हजार किसान विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत है। इसमें केवल एक लाख 56 हजार किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।
डाटा दुरुस्त नहीं होने से 88 हजार किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल पा रही थी। अब तक जिले में दो लाख नौ हजार तीन सौ पैंतालीस किसानों को पहली किस्त का भुगतान किया जा चुका है। एक लाख 90 हजार पांच सौ नौ किसानों को दूसरी किस्त, एक लाख 75 हजार आठ किसानों को तीसरी, एक लाख तीस हजार आठ सौ 98 किसानों को चौथी किस्त व 85 हजार सात सौ उन्तालीस किसानों को पांचवीं किस्त का भुगतान किया जा चुका है। किस्तों के भुगतान होने से किसानों को राहत मिल गई है।
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डाटा दुरुस्त के लिए न्याय पंचायत पर तैनात है कर्मी
किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों के डाटा का सुधार किया जा रहा है। इसके लिए न्यायपंचायत स्तर पर कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं, जो व्हाट्सएप पर आधार कार्ड मिलने पर सुधार कर रहे हैं। सम्मान निधि से वंचित किसानों को अपना आधार कार्ड भेजना है। जिसके बाद डाटा दुरुस्त हो जाएगा।
लॉकडाउन से उपज बेचने में मुश्किल हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि सूचित कर बुलाएंगे। गल्ला मंडी में तय ट्रैक्टरों से आने से उपज नहीं बेच पा रहे हैं।
- लाखन सिंह यादव
वर्तमान में सुलभता से उपज नहीं बेच पाने के लिए परेशान हो रहे हैं। लेकिन, सम्मान निधि मिलने से आर्थिक राहत मिल गई है।
- फुलू सेन
किसान सम्मान निधि से किसानों को अधिक राहत मिल जाती है। वर्ष में छह हजार रुपये किसानों के लिए अधिक होते हैं।
- सोबरन सिंह पटेल
किसानों को सम्मान निधि का भुगतान किया जा रहा है। दो लाख से अधिक किसान पहली किस्त का भुगतान पा चुके हैं। डाटा दुरुस्तीकरण का कार्य भी न्याय पंचायत स्तर पर किया जा रहा है, जिससे सभी को योजना से लाभांवित किया जा सके।
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- संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक
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