- सचिवों, खंड विकास अधिकारी व ठेकेदार से कराई गई तत्काल आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने गोवंश आश्रय स्थलों पर पर्याप्त इंतजाम की जांच के लिए अधिकारियों को नियुक्त किया था। उस जांच में कई जगह पर साइलेज की कमी पाई गई, तो वहीं कई जगहों पर मानक अनुरूप भूसा भी स्टॉक में नहीं था। सभी सचिवों को वहां पर पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही समय-समय पर स्टॉक चेककर उसके अनुसार भूसा रखने के आदेश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गोवंश आश्रयस्थलों पर सर्दी के बचाव के इंतजाम तो चौकस पाए गए, लेकिन वहां पर भूसा व साइलेज कमी पाई गई। वहां पर खंड विकास अधिकारी व ठेकेदार को तत्काल साइलेज एवं भूसा आपूर्ति के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान कल्यानपुरा, बादरोन, दैलवारा, अनौरा गोवंश आश्रय स्थल पर साइलेज व चुनी का स्टाॅक नहीं मिला। तो वहीं, निवारी पाली, सौजना, खिरिया मिश्र, सिरसी, जखौरा, मड़वारी, अमौरा, में चूनी उपलब्ध नहीं पाई गई। साथ ही 26 गोवंश आश्रयस्थल पर 19948 गोवंश मिले। कुछ गोवंश आश्रयस्थल पर पर्याप्त भूसा नहीं मिला है। इन सभी पर पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. भगवान सिंह ने सचिवों को पत्राचार किया है। तो वहीं, मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों तत्काल गोवंश आश्रयस्थलों पर पर्याप्त मात्रा में भूसा, साइलेज व चूनी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गोवंश आश्रयस्थल की व्यवस्थाओं पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
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गोवंश आश्रय स्थलों पर प्रत्येक गोवंश दिया जाता है इतना भोजन
शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक गोवंश प्रतिदिन 5 किलो भूसा, तीन किलो साइलेज व 1.28 किलोग्राम चोकर उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि अगले वित्तीय वर्ष में शासन ने इसमें बदलाव किया है, एक गोवंश के तीन किलो भूसा, तीन साइलेज व 500 ग्राम चोकर देने का आदेश जारी किया है।
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अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान सभी गोवंश आश्रयस्थलों पर गोवंश को ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। जहां पर साइलेज व चोकर कम पाया गया, वहां पर जिलाधिकारी व मुख्य विकास धिकारी के माध्यम से खंड विकास अधिकारी व ठेकेदार को तत्काल आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। गोवंश आश्रयस्थलों की निरंतर निगरानी की जा रही है। वर्तमान में सभी गोवंश आश्रय स्थल पर पर्याप्त भूसा, साइलेज व चोकर उपलब्ध है।
डॉ भगवान सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी।