ललितपुर। जिला पंचायत परिसर में डीएम डॉ. रूपेश कुमार ने जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता यादव को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके उपरांत उन्होंने नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को बारी-बारी से शपथ दिलाई।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता यादव ने कहा कि जिले के सर्वांगीण विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
जिला पंचायत के अध्यक्ष सरिता यादव के साथ ही शपथ लेने वालों में सदस्य मानसिंह, उदय प्रताप सिंह, अतल देवी, ज्योति सिंह, कृष्णा राजे, रचना, वंशीधर, बबीता कुमारी, सुधा सोनी, चंद्रशेखर खरे, अंजू उर्फ बबीता, खिलान सिंह यादव, जयश्री, वंदना देवी, गुड्डी, अतल सिंह, बेटी बाई, सुखदेन, कमलेश देवी और फूल सिंह यादव शामिल रहे।
इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने कहा कि जिले में सर्वाधिक महिला जिला पंचायत सदस्य जीती हैं। यह गौरव की बात है। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव ने कहा कि उनके कार्यकाल में अनेक कार्य हुए हैं, अब जबकि वह अपना पद छोड़ रहे हैं, तो ज्यादा आजादी महसूस कर रहे हैं।
अब ज्यादा बेहतर तरीके से जनता की समस्याएं सुन सकेंगे। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष तिलक यादव ने कहा कि जिला पंचायत सदस्यों ने जो वादे जनता से किए हैं, उन्हें पूरे करने का प्रयास करें। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जयराम सिंह यादव ने भी विचार व्यक्त किए। सपा जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन ने कहा कि जिला पंचायत चुनाव सेमीफाइनल था, अब विधानसभा के चुनाव फाइनल होंगे।
पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण, चंद्रभूषण सिंह बुंदेला गुड्डू राजा, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष फूल सिंह यादव, यादवेंद्र सिंह यादव, कैलाश यादव, गौरीशंकर सोनी, सीडीओ अरुण कुमार उपाध्याय, एडीएम एमके त्रिवेदी, सीएमओ डा. सत्येंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे। संचालन समाजवादी पार्टी के नगराध्यक्ष अजीज कुरैशी ने किया।
नजर नहीं आए उप सभापति
जिला सहकारी बैंक के उप सभापति राजेश यादव शपथ ग्रहण में दिखाई नहीं दिए, जो चर्चा का विषय रहा। यही नहीं, मंच पर सपा के चंद्रभूषण सिंह बुुंदेला, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष जयराम सिंह यादव, तिलक यादव, जिला सहकारी बैंक फूल सिंह नन्ना व सपा जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद ही स्थान पा सके।
अक्षुण्य बोलने में अटके कई सदस्य
शपथ के दौरान कई जिला पंचायत सदस्य अक्षुण्य का ठीक से उच्चारण नहीं कर सके तो कइयों ने अपना नाम नहीं बोला। जिसपर सपा जिलाध्यक्ष ने सदस्यों को नसीहत दी, लेकिन किसी ने सबक नहीं लिया।