ललितपुर। जिला पंचायत राज अधिकारी के लिए सेवानिवृत्ति के अंतिम सात दिन काफी महत्वपूर्ण रहे। इस दौरान उन्होंने न केवल वर्षों से निलंबित चल रहे तीन दर्जन से अधिक सफाई कर्मियों को बहाल कर दिया, बल्कि बहाली के आदेश की प्रति जिलाधिकारी को देना भी उचित नहीं समझा।
ग्रामों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहे, इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मियों की भर्ती की गई थी। जिले में उस समय 340 ग्राम पंचायतें थी, उस हिसाब से गांवों में सफाई कर्मियों की तैनाती कर दी गई। लेकिन, कुछ दिनों बाद ही ज्यादातर सफाई कर्मियों की चाल बिगड़ गई। स्थिति यह बनी कि ज्यादातर गांवों में सफाई कर्मियों ने आना-जाना बंद कर दिया, जिससे ग्रामीणों ने शिकायतें शुरू कर दीं। गांव में गंदगी पसरी रहने के कारण लगातार हो रही शिकायतों और अधिकारियों के निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए सफाई कर्मी निलंबित किए जाने लगे। स्थित यह बनी कि अलग-अलग गांवों के अलग-अलग तिथियों में करीब तीन दर्जन सफाई कर्मी निलंबित कर दिए गए।
इन कर्मचारियों के निलंबन की अवधि की जांच भी विभिन्न अधिकारियों को सौंप दी गई। यह कर्मचारी आजकल में निलंबित नहीं किए गए, बल्कि कोई मई 2011 से निलंबित था तो कोई अगस्त 2014 से।
लेकिन, इन सभी सफाई कर्मचारियों के निलंबन की जांच जुलाई माह के अंतिम पांच दिनों में पूरी हो गई और उन्हें बहाली दे दी गई। इतना ही नहीं, सफाई कर्मियों ने अनुपस्थिति को लेकर जो तर्क दिए हैं, वह भी करीब-करीब सभी के एक जैसे ही हैं। खास बात यह है कि सभी सफाई कर्मियों की बहाली 25 जुलाई से 30 जुलाई के बीच हुई और 31 जुलाई को डीपीआरओ सेवानिवृत्त हो गए।
अधिकांश आदेश पत्रों की भाषा एक जैसी
ललितपुर। ग्राम पारौल ब्लाक मड़ावरा में तैनात सफाई कर्मी अमित कुमार के नाम जारी आदेश में कहा गया है कि उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में तीन वर्ष आठ माह का असाधारण अवकाश स्वीकृत किए जाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि वे अपनी मां की तबीयत खराब होने के कारण इस अवधि में अपने घर रहे। इसी तरह ग्राम जखौरा ब्लाक जखौरा में तैनात सफाई कर्मी रोबिन कुमार के आदेश में लिखा कि उन्होंने एक वर्ष सात माह का असाधारण अवकाश स्वीकृत किए जाने की मांग की है। वे अपनी मां की तबीयत खराब हो जाने के कारण इस अवधि में अपने घर पर ही रहे।
इतना ही नहीं, ब्लाक बिरधा के ग्राम पंचायत मुड़ारी स्थित ग्राम बांसपुर में तैनात सफाई कर्मी हरीशंकर स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय पर्व होने के बाद भी 15 अगस्त 2014 से लगातार अनुपस्थित चल रहे थे। इसी तरह ब्लाक विरधा के ग्राम मुड़ारी में तैनात सफाई कर्मी गजराज सिंह 15 अगस्त 2014 से अनुपस्थित चल रहे थे। यानी, राष्ट्रीय पर्व के दिन भी इन्होंने कार्य नहीं किया। इसके बाद दोनों सफाई कर्मियों ने अपने स्पस्टीकरण में लिखा कि वह 14 अगस्त को ड्यूटी करके लौट रहे थे मोटरसाइकिल फिसल जाने के कारण वह ड्यूटी पर नहीं आ सके।
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इनका कहना है,
अभी उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मंगलवार को तहसील दिवस होने के कारण वह उसमें गए थे। यदि ऐसा है तो पता लगाया जाएगा।
- बृजेंद्र कुमार, प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी।