ललितपुर। सौजना गोशाला में गोशाला और बाहर के गोवंश के शव फेंकने और नियमानुसार उनका निस्तारण नहीं करने के मामले में सौजना थाना पुलिस ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की तहरीर पर खंड स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन समीक्षा समिति में शामिल खंड विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी समेत आठ अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कृष्ण शाक्य ने थाना सौजना को तहरीर देकर बताया कि पशुपालन के लिए सौजना मंडी में अस्थाई गोशाला संचालित की जा रही है। आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश निराश्रित/बेसहारा को आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है। संरक्षित गोवंश को बचाव के लिए टीकाकरण एवं समुचित उपचार की व्यवस्था की जाती है। यदि किसी गोवंश की उपचार के बाद भी मौत हो जाती है तो उसमें निशुल्क शव विच्छेदन कराकर शव निस्तारण की कार्यवाही निष्पादित की जाती है।, जिसके संबंध में विकास खंड स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन समीक्षा समिति गठित है।
समिति में खंड विकास अधिकारी, सुनील कुमार सिंह अध्यक्ष, डॉ. रंजीत सिंह कुशवाहा पशुधन अधिकारी उपाध्यक्ष, ग्राम प्रधान अजय वीर विक्रम सदस्य, वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल शमीर अंसारी सदस्य, राजस्व निरीक्षक मनोहर राजपूत सदस्य, ग्राम पंचायत अधिकारी सौरभ यादव सदस्य सचिव हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. अवधेश सिंह इस गोशाला के नोडल/प्रभारी अधिकारी हैं। समिति क्षेत्रीय लेखपाल घनश्याम सेन द्वारा घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को न देने के लिए जिम्मेदार है।
18 दिसंबर को वायरल हुआ था शव पड़े होने का वीडियो
18 दिसंबर को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वायरल वीडियो के अनुसार लगभग दस गोवंश का शव निस्तारण नहीं किया गया था। जांच के उपरांत यह तथ्य प्रकाश में आया कि इसमें कुछ ग्रामवासी भी हैं और गोशाला के गोवंश का शव वहां फेंका गया है। बाद में उसका निस्तारण किया गया। अत: उपरोक्त समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यों, सदस्य सचिव, नोडल/प्रभारी अधिकारी, क्षेत्रीय लेखपाल व अन्य अज्ञात व्यक्तियों जिन्होंने वहां पर मृत गोवंश फेंका और समय से नियमानुसार निस्तारण नहीं किया गया है। सोजना थाना पुलिस ने उक्त मामले में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की तहरीर के आधार पर उक्त सभी आरोपी अधिकारियों के खिलाफ धारा 166, 269 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।