संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर-डोंगराखुर्द। स्वास्थ्य विभाग भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा कर रहा हो, लेकिन डोंगराखुर्द स्थित अस्पताल में न तो चिकित्सक पहुंच रहे और न ही फार्मासिस्ट। यहां वार्ड ब्वॉय मरीजों का उपचार कर रहे हैं, यानी उनकी जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
मंगलवार को अमर उजाला की टीम ब्लॉक मड़ावरा अंतर्गत ग्राम डोंगराखुर्द में दोपहर 12 बजे पहुंची। अस्पताल में ओपीडी कक्ष में कोई नजर नहीं आया। लैब टेक्नीशियन भी नहीं दिखे। फार्मासिस्ट भी मौके से नदारद रहे। स्टॉफ नर्स और सफाई कर्मी तक अस्पताल से गायब रहे। हद तो तब हो गई, जब मरीजों का उपचार वार्ड ब्वॉय कर रहा था। यहां लंबे समय से मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। ऐसे में मरीजों को मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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भवनों में नहीं खिड़की, गेट
अस्पताल के भवन की अधिकांश खिड़कियों के कांच गायब हो गए हैं। कइयों की खिड़कियां तक पूरी तरह से नदारद हैं। वार्डों के गेट अनदेखी के चलते बदहाल हैं। कई तो गिर तक गए हैं। अस्पताल के मुख्य भवन के गेट मात्र ही सुरक्षित हैं। सामान पूरी तरह से अव्यवस्थित है। अस्पताल के आवासीय भवनों में दरवाजे तक नहीं हैं। भवन पूरी तरह खुले पड़े हैं। शाम होते ही अराजक तत्वों का अड्डा बन जाता है। मदिरा के पाउच अस्पताल परिसर में पड़े हैं।
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अनदेखी के चलते बदहाल हो रहा भवन
अस्पताल में मुख्य दरवाजा न होने से जानवरों के प्रवेश पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। स्टॉफ के आवासों में भी जानवरों का अड्डा हो गया है। साफ-सफाई न होने से भवन में गंदगी का अंबार लगा है। अस्पताल में ठहरना तक मुश्किल हो रहा है। कारण लंबे समय से यहां पड़ा कचरा दुर्गंध दे रहा है।
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अस्पताल में पानी न बिजली
अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का भी टोटा है। यहां पेयजल की सुविधा के लिए दो हैंडपंप लगाए गए थे, वर्तमान में दोनों ही खराब पड़े हैं। अस्पताल में बिजली की सुविधा भी नहीं है। यहां लगे बल्ब तक गायब हो गए हैं। ऐसे में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।
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नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था होने की जानकारी मिली है। जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा। चिकित्सक की तैनाती हो गई है। जल्द ही सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। - डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ