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कुत्ते हो रहे खूंखार, एक माह में 452 को काटा

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ललितपुर। खूंखार होते जा रहे हैं कुत्तों ने एक महीने के अंदर 452 लोगों को काटकर जख्मी कर दिया है, पीड़ितों के नाम अस्पताल के पंजीयन रजिस्टर में दर्ज हैं। वहीं, 884 पुराने मरीजों को एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। जिले में कुत्तों के काटने के मरीजों से स्थिति की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आम लोगों में भय का माहौल है। स्थिति यह है कि कुत्तों को देखकर लोगों में डर पैदा हो गया है। रास्तों में पैदल चलने वाले कुछ राहगीर कुत्तों को देेखते ही अपना रास्ता बदल लेते हैं। बच्चों को अकेले भेजने में परेशानी होती है। जिला अस्पताल में कुत्ते के काटने वाले मरीजों की संख्या पर गौर करें तो इस महीने डेढ़ गुना तक संख्या पहुंच गई है। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन 30 से अधिक नए मरीज पंजीयन कराकर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवा रहे हैं। 21 नवंबर से 20 दिसंबर तक 300 कुत्ते काटने के मरीजों को रैबीज लगाया गया, जबकि 578 पुराने मरीजों को चक्रानुसार इंजेक्शन लगाए गए। 21 दिसंबर से 20 जनवरी तक 452 नए मरीजों का पंजीयन किया गया। 884 पुराने मरीजों को इंजेक्शन लगाए गए है। इनमें कुत्तों के अलावा दो मरीज बिल्ली, तीन बंदर, एक नेवला और पांच को सियार ने काटा लिया था। लेकिन, दिनोंदिन कुत्तों के काटने के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके बाद भी नगरपालिका इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
अंतराल पर लगते इंजेक्शन
कुत्ते के काटने वाले मरीजों को रैबीज के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इनमें जो कुत्ता मरीज को काटने के बाद जिंदा रहता है, उस मरीज को चार इंजेक्शन लगाए जाते हैं। पहला इंजेक्शन पहले दिन, फिर तीसरे दिन, सातवें और अठ्ठाइसवें दिन इंजेक्शन लगाए जाते हैं। जो कुत्ता मरीज को काटने के बाद मर जाता है या नजर नहीं आता है, तो उस मरीज को पांच इंजेक्शन लगाए जाते हैं। यह इंजेक्शन पहले दिन, तीसरे, सातवें, चौदहवें दिन व अठ्ठाइसवें दिन में लगाए जाते हैं।
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कुत्तों के काटने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। इससे लोगों में डर का माहौल है। कुत्तों को शहर से बाहर कराया जाए।
- रामदयाल
कुत्तों को पकड़वाकर सुनसान क्षेत्रों में भेजा जाए, जिससे आम लोगों को कुत्तों के काटने से बचाया जा सके।
- मेवराज सिंह
ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहर में यह समस्या गहराती जा रही है। इसके निवारण के लिए कुत्तों को शहर से पकड़वा कर बाहर कराया जाए।
- चैनू पंथ
अस्पताल में रैबीज के पर्याप्त इंजेक्शन हैं। मरीजों के आने पर पंजीयन कर क्रम के अनुसार लगाए जा रहे हैं।
- डॉ. एस के वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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