तालबेहट (ललितपुर)। पारौन से खैराडाग जाते समय डीएम डा. रूपेश कुमार के काफिले के सामने पूर्व माध्यमिक विद्यालय पारौन के कुछ बच्चें आ गए। वह स्कूल टाइम में सड़क पर खेल रहे थे। डीएम ने वहां रुककर इसकी पूरी जानकारी ली। इसके बाद वह विद्यालय पहुंचे। उनके विद्यालय की कक्षाओं तक पहुंचने के बाद भी विद्यालय स्टाफ को पता तक नहीं चला। ग्राम प्रधान रामगोपाल झा ने प्रधानाध्यापक को डीएम के आने की जानकारी दी, तब स्टाफ कुछ सचेत हुआ।
डीएम ने विद्यालय में चल रही परीक्षाओं के प्रश्न पत्र को लेकर छात्रों से कई प्रश्न पूछें तो कई छात्र-छात्राएं उनके उत्तर न दे सकें। इसके बाद विद्यालय की एक ही छात्रा ने निशा शब्द का अर्थ बताया। जिलाधिकारी ने पूरे विद्यालय भवन का निरीक्षण किया। स्टाफ रूम की अलमारी में बेतरतीब रखे रिकार्ड को देख कर उनका पारा काफी गर्म हो गया। इसके बाद विद्यालय की कक्षाओं में पंखे न लगे होने पर प्रधानाध्यापक सुदामा प्रसाद नायक ने बताया कि वह चुनाव के समय चोरी चले गए है। जिसकी पुलिस में सूचना कराने पर प्रधानाध्यापक ने कहा कि विद्यालय की संपूर्ण व्यवस्थाएं खंड शिक्षा अधिकारी के संचालन में चलती है। इसकी सूचना उन्हें दे दी गई थी।
निरीक्षण के दौरान उन्हें कई स्थानों पर जाले लगे मिले। विद्यालय में साफ सफाई नहीं मिली। छात्रों का शैक्षिक स्तर भी काफी खराब मिला। जिस पर उन्होंने प्रधानाध्यापक सुदामा प्रसाद नायक सहित अन्य स्टाफ मनोज कुमार वर्मा, कर्ण सिंह निरंजन, अनुज वर्मा, अंजली तिवारी, अनुदेशक मनोज गुप्ता, सुरेश वर्मा तथा भरत कुमार अहिरवार को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
अनुशासन का पाठ पढ़ाया
तालबेहट (ललितपुर)। डीएम डॉ. रूपेश कुमार ने जाते समय बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। तभी एक शरारती बच्चा उनकी नकल उतारने लगा। जिलाधिकारी ने उसे बुलवाया और उसकी पूरी बात सुनी। वहीं, प्रधानाध्यापक ने छात्र की डांट लगा दी। जिस पर छात्र के आंसू निकल आए। तब डीएम ने उसके सिर पर प्यार से हाथ फेरते हुए प्रधानाध्यापक को नसीहत दी कि जो आपने सिखाया होगा वही तो बच्चा करेगा। इसके बाद अध्यापकों के चेहरे देखने लायक थे।