ललितपुर। खंड विकास अधिकारी बिरधा के निरीक्षण में पकड़ी गई लापरवाही बेसिक
शिक्षा विभाग के प्रधानाध्यापकों को भारी पड़ गई है। रिपोर्ट के आधार पर
जिलाधिकारी ने दो हेडमास्टरों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही
सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
ब्लाक
बिरधा की खंड विकास अधिकारी ज्योतिरानी कौशिक ने पिछले दिनों ग्राम पंचायत
कुमरौला (उत्तमधाना) का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने गांव में
खुली बैठक बुलाई, जिसमें ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में उन्हें विधवा,
वृद्धा और विकलांग पेंशन मिलती थी, लेकिन अब बंद हो गई है। ग्रामीणों ने
पेंशन नहीं मिलने पर नाराजी भी जताई थी। इसके बाद बीडीओ ने प्राथमिक
पाठशाला निरीक्षण किया था, जिसमें सिर्फ छह छात्र-छात्राएं उपस्थित पाए गए
थे। बीडीओ ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी। जिलाधिकारी ने विद्यालय के
हेडमास्टर को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। साथ ही पेंशन के मामले में
उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप दी है।
इसी
तरह खंड विकास अधिकारी महरौनी गजेंद्र प्रताप सिंह ने पिछले दिनों ग्राम
पंचायत समोगर का निरीक्षण किया था। प्राथमिक विद्यालय में 235 बच्चे
पंजीकृत थे, लेकिन उपस्थित सिर्फ 13 बच्चे मिले। आंगनबाड़ी केंद्र पर
कार्यकत्री उमा वैद्य अनुपस्थित मिलीं। मौके पर सिर्फ दो बच्चे उपस्थित
मिले थे। रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को
निर्देश दिए हैं कि हेडमास्टर को सस्पेंड कर दें। साथ ही एबीएसए से
स्पष्टीकरण मांगा गया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री अनुपस्थित मिलने के मामले
में उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को कार्यकत्री के खिलाफ कार्रवाई करने
के निर्देश दिए हैं।
आरईएस के अवर अभियंता का वेतन रोका
ललितपुर।
खंड विकास अधिकारी बिरधा ज्योतिरानी कौशिक ने ग्राम पंचायत जमुनिया
(मैकुवां) का निरीक्षण किया था। इसमें मनसुख बाबा के मकान से हनुमान मंदिर
तक पेवर ब्रिक्स से सड़क बनाई गई थी, लेकिन नाली में काफी गंदगी जमा थी।
मौके पर साइन बोर्ड नहीं पाया गया था। इसी तरह उन्होंने ग्राम पंचायत करमरा
में सम्मलित गांव मगरपुर का निरीक्षण किया। यहां संपर्क मार्ग का निर्माण
चल रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग में गहरी खाई थी, जिसे बोल्डर से
भर दिया गया है। संपर्क मार्ग ऊबड़ खाबड़ था। साइन बोर्ड नहीं लगा था। इस
पर डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्रामीण अभियंत्रण सेवा
विभाग के जिम्मेदार अवर अभियंता का वेतन रोक दिया जाए।