ललितपुर। मुख्यमंत्री जल बचाओ योजनांतर्गत प्राकृतिक जल स्रोतों को सिंचाई व पेयजल के लिए उपयुक्त बनाया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिले के चिह्नित 39 तालाबों की जलधारण क्षमता बढ़ाने के मकसद से 17.51 करोड़ रुपए का स्टीमेट तैयार कराया है, जिससे विकराल होती पेयजल समस्या का समाधान हो सके। स्टीमेट को स्वीकृति के लिए शासन में भेज दिया गया है।
पानी के अंधाधुंध दोहन से भूजल स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है। बरसात समाप्त होते ही भूजल के स्तर में गिरावट आने लगती है, जिसका विपरीत प्रभाव कुओं और हैंडपंपों पर पड़ता है और उनमें पानी कम निकलने लगता है। गर्मी आते-आते तो पानी काफी नीचे चला जाता है, जिससे कुएं, तालाब, नदी, पोखर में पानी सूखने लगता है।
इन हालात में पेयजल की विकराल स्थिति बन जाती है। इसके मद्देनजर शासन ने प्राकृतिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री जल बचाओ योजना के तहत तालाब, झील और पोखरों पर काम शुरू हो गया है। वर्तमान में जनपद सूखे की विभीषिका को झेल रहा है। जिससे दिनोंदिन हालात खराब होने लगे हैं।
इस पर डीएम डा. रूपेश कुमार ने काबू पाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कराई है, जिसके तहत जिले के एक हेक्टेयर या उससे अधिक आकार के 39 तालाबों को चिह्नित कराते हुए उनका प्राक्कलन (स्टीमेट) बनवाया है।
इसे राज्य पेयजल और स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक को भेजा गया है, जिस पर स्वीकृति मिलते ही धनराशि आवंटित होने की संभावना जताई जा रही है।
यह हैं चिह्नित तालाब
सुम्मेरा तालाब, पाली तालाब, पाली-दो तालाब, मड़वारी तालाब, गनगौरा तालाब, लालौन तालाब, रसोई तालाब, जैरवारा तालाब, दैलवारा तालाब, म्यावं तालाब, करमई तालाब, आलापुर तालाब, टीला तालाब, महोली तालाब, बालाबेहट तालाब, रसोई तालाब, बिरधा तालाब, कुमरौल तालाब, जीरौन तालाब, बरखेरा तालाब, सिमरधा तालाब, भैलोनीसूबा तालाब, लड़वारी तालाब,
मराडांग तालाब, पुराधनकुआं तालाब, मर्रोली तालाब, अजनौरा तालाब, सुनवाहा तालाब, चकौरा तालाब, उदयपुरा तालाब, मोगान तालाब, मिर्चवारा तालाब, क्योलारी तालाब, कुआगांव तालाब, ककड़ारी तालाब, डुलावन छोटा व बड़ा तालाब, ऊमरी तालाब और गदयाना तालाब शामिल है।
इन पर खर्च होगी इतनी धनराशि
शहर स्थित सुम्मेरा तालाब के लिए 90.58 लाख रुपये व भैलोनीसूबा तालाब के लिए 87.62 लाख रुपये की धनराशि की मांग की गई है। अन्य तालाबों पर धनराशि कम खर्च होगी।
20 की जगह भेजे 39 तालाब
शासन ने मुख्यमंत्री जल बचाओ योजना के तहत स्वीकृति के लिए 20 तालाबों का प्रस्ताव मांगा गया था, लेकिन इसके सापेक्ष 39 तालाबों का प्राक्कलन भेजा गया है। इससे पहले एक हेक्टेयर से कम आकार के 46 तालाबों का जीर्णोद्घार कराया गया था।