ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वामित्व के बढ़ते विवादों का निपटारा आसान करने के लिए गांवों का ड्रोन कैमरे की मदद से सर्वे किया जाएगा। इससे ग्रामीण आबादी एवं कृषि क्षेत्रों का सीमांकन होगा। डिजिटल नक्शा तैयार किया जाएगा। इससे जमीन संबंधी विवादों को सुलझाने में आसानी होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन के स्वामित्व के विवाद बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन लोगों को कोर्ट कहचरी और थाने के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके बाद भी संपत्ति संबंधी विवाद आसानी से नहीं सुलझ पाते हैं। इसे ध्यान में रखकर ग्रामीण आबादी का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। शासन ने राजस्व विभाग व भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है। इससे संपत्ति कर का भी निर्धारण हो सकेगा, जो सीधे ग्राम पंचायतों को प्राप्त होगा। इसके अलावा ग्रामीण भारत के नागरिकों को ऋण और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त हो सकेंगे। स्वामित्व संपत्ति अधिकार प्रदान करने के लिए राजस्व नक्शे तैयार करने के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा राज्य राजस्व विभाग के सहयोग से ग्रामीण आबादी क्षेत्र का मानचित्रण कराया जाएगा।
इन नक्शों और आंकड़ों के आधार पर आबादी क्षेत्र में गृहस्वामियों को संपत्ति कार्ड जारी किए जाएंगे। हाईक्वालिटी और सटीक क्षेत्र आधारित नक्शे, विरासत राजस्व रिकार्ड रहित क्षेत्रों में संपत्ति धारण के अधिक टिकाऊ अभिलेख के निर्माण की सुविधा प्रदान करेंगे। ड्रोन या यूएवी मानवरहित हवाई वाहन का उपयोग करके ग्रामीण आबादी का सर्वेक्षण ग्रेड यूएवी का उपयोग करके बड़े पैमाने पर किया जाएगा। भारतीय सर्वेक्षण विभाग और राजस्व विभाग के सहयोग से भूखंड नक्शों का भू सत्यांकन और सत्यापन किया जाएगा। राज्य प्रशासन राजस्व विभाग द्वारा संपत्ति कार्ड जारी किया जाएगा।
सर्वेक्षण पद्घति और इसके लाभों के बारे में स्थानीय आबादी को जागरूक करने के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस दौरान पोस्टर, रोल प्ले, कठपुतली शो, होर्डिग, पर्चे वितरण, गांवों में सार्वजनिक घोषणा की जाएगी।
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ये हैं सर्वेक्षण कार्यक्रम
9 जुलाई को सर्वेक्षण कार्यक्रम की सूचना का प्रकाशन किया जाएगा। 10 को सर्वेक्षण समिति का गठन होगा। 12 को सहायक अभिलेख अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायतों की बैठकों के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। 20 जुलाई को ग्रामसभा की बैठक का आयोजन कर योजना के संबंध में ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया जाएगा। 21 से 27 तक ग्रामीण आबादी के अंतर्गत आने वाली संपत्तियों का चुनाव, 23 जुलाई को आधुनिक तकनीक से सूचना ग्रामीणों को दी जाएगी। 28 जुलाई को भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा आधुनिक तकनीक से ग्रामीण आबादी का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीन अगस्त को भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा सर्वेक्षण के आधार पर वाहनों की प्रोसेसिंग कर आबादी क्षेत्र का मानचित्र उपलब्ध कराया जाएगा। 19 से 25 अगस्त तक सहायक अभिलेख अधिकारी द्वारा आपत्ति निस्तारण के पश्चात आवासीय अधिकार अभिलेख तैयार किए जाएंगे।
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इन गांवों में चलेगा सर्वेक्षण
तहसील तालबेहट के ग्राम धनगौल, बमनगुवां, भुजऊपुरा, चुनगी व मावलैन में सर्वेक्षण के लिए हरी झंडी जिला प्रशासन की ओर से दे दी गई है। इसके बाद धीरे-धीरे जिले के सभी गांवों का सर्वेक्षण होगा।
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समितियां गठित
जिले पर डीएम, एसपी, सीडीओ, एडीएम, डीपीआरओ, उप संचालक चकबंदी, उप जिलाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी,भारतीय सर्वेक्षण विभाग का प्रतिनिधि और अध्यक्ष द्वारा नामित कोई अन्य सदस्य जिला स्तरीय समिति में शामिल होंगे। इसके अलावा तहसील स्तरीय समिति में सहायक अभिलेख अधिकारी, तहसीलदार, सहायक खंड विकास अधिकारी, थाना प्रभारी, अध्यक्ष द्वारा नामित सदस्य नियुक्त किया जाएगा।
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केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना शुरू की है, इसके तहत प्रत्येक गांव का डिजिटल नक्शा बनाया जाएगा। इसमें ड्रोन कैमरे की मदद ली जाएगी। इससे सिविल कोर्ट में विवाद निपटारा आसान हो जाएगा।
- सौरभ कुमार पांडेय
तहसीलदार तालबेहट