ललितपुर। मोटर अधिनियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और पुलिस खामोश है। आम आदमी के वाहनों की चेकिंग कर कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन चार पहिया वाहनों पर लगे हूटर और पार्टी का झंडा हटवाने की जहमत कोई नहीं करता। चार पहिया वाहनों की नंबर प्लेट पर पदनाम लिखा होने के बाद भी विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। कई बार तो ये साइलेंट जोन में हूटर बजाकर रौब गांठते हैं।
वाहनों पर हूटर, राजनीतिक पार्टी के झंडे, निशान या सिंबल लगाना प्रतिबंधित है। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट भी लगाना अनिवार्य है। लेकिन, हालत यह है कि एक ही वाहन पर हूटर, पदनाम पट्टिका, राजनीतिक पार्टी का झंडा तक लगा रहता है। कई वाहनों की नंबर प्लेट पर डिजाइनों में नंबर अंकित हैं। इन नंबरों को कई बार देखने के बाद भी स्पष्ट नहीं हो पाता कि वाहन का नंबर क्या है। कोई घटना होने पर वाहन स्वामी व चालक सत्ता की हनक दिखाकर रौब गांठते हैं। कई लोग इनके दबाव में भी आ जाते हैं। जिम्मेदार भी इन पर कार्रवाई करने से बचते हैं। यही कारण है कि ऐसे वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
-
अधिकांश वाहनों पर हैं ये चिह्न
चिकित्सकों के वाहन पर प्लस का निशान, अधिवक्ताओं के वाहन पर बैंड, राजनीतिक कार्यकर्ता व नेताओं के वाहन पर दल के झंडे, या उनके रंग की नंबर प्लेट, कइयों पर पदनाम भी अंकित होता है। प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के वाहनों पर प्रेस, राजकीय कर्मचारियों के निजी वाहन पर (प्रशासन, पुलिस, वन, स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग, राजस्व, आर्मी आदि) विभाग आदि का नाम लिखा होता है, जो नियमत: अपराध है।
प्रेशर हॉर्न बने समस्या
वाहनों पर हूटर या पदनाम पट्टिका ही नहीं प्रेशर हॉर्न भी समस्या बने हैं। कई चालकों ने अपने वाहनों पर दो प्रकार के हॉर्न लगवाए हैं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर प्रेशर हॉर्न का ही प्रयोग कर रहे हैं। इससे राहगीरों को अधिक समस्या होती है। वाहन चालक साइलेंट जोन में भी प्रेशर हॉर्न बजाने से नहीं बाज आते। केवल पुलिस को देखकर सामान्य हॉर्न बजाते हैं।
काली फिल्म के वाहनों का बढ़ रहा चलन
वाहनों की चेकिंग कागजों तक ही सीमित है। यही कारण है कि वाहन स्वामी व चालक खुलेआम काली फिल्म लगाए चल रहे हैं। काली फिल्म से वाहन के अंदर कुछ दिखता नहीं। इसी कारण ज्यादातर अपराधी ऐसे ही वाहनों का प्रयोग करते हैं। आपराधिक घटना को अंजाम देकर चले जाते हैं और कार्रवाई से भी बच जाते हैं।
निजी वाहनों पर लगे हूटर, पदनाम पट्टिका व काली फिल्म के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। पकड़े जाने पर चालान किया जाएगा। हूटर व काली फिल्म और झंडों को हटवाया जाएगा।
- मो. कय्यूम खांन, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी