तहसील सभागार में बैठक, गणमान्य नागरिकों ने प्रशासन के सामने रखे सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। नगर में बढ़ते अतिक्रमण, जाम और गर्मियों में पेयजल संकट को लेकर नागरिकों का दर्द मंगलवार को तहसील सभागार में हुई बैठक में खुलकर सामने आया। उपजिलाधिकारी अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में व्यापारियों और गणमान्य नागरिकों ने भारी वाहनों की आवाजाही और शराबियों के उपद्रव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा करते हुए प्रशासन को कई सुझाव दिए। अधिकारियों ने सुझावों पर विचार कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। बैठक की शुरुआत पेयजल समस्या के मुद्दे से हुई। पूर्व पार्षद चक्रेश जैन सहित अन्य लोगों ने गर्मियों में पानी की किल्लत की आशंका जताते हुए जल संस्थान के जेई के अनुपस्थित रहने का मुद्दा उठाया। उन्होंने समय रहते पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। नीरज कंचन ने पुराने बस स्टैंड के पास शराबियों के उपद्रव पर रोक लगाने की बात कही, जबकि विनीत कंचन ने नगर की गलियों में बढ़ते अतिक्रमण से लोगों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाते हुए बिना भेदभाव कार्रवाई की मांग की। बैठक में सब्जी बाजार को व्यवस्थित करने, टैक्सी स्टैंड के लिए स्थान तय करने, सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने और नगर के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे सुझाव भी सामने आए। क्षेत्राधिकारी आशीष मिश्रा ने नगर पंचायत और व्यापारियों के सहयोग से प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का सुझाव दिया। वहीं कस्बे की यातायात व्यवस्था देख रहे उपनिरीक्षक कमलेश कुमार ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और नाबालिगों को तेज रफ्तार दोपहिया वाहन न देने की अपील की। उपजिलाधिकारी अभिजीत सिंह ने कहा कि नगर की समस्याओं के समाधान में जनसहयोग आवश्यक है। बैठक में दिए गए सुझावों पर विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से निस्तारित किया जाएगा। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष पुनीत सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज पटैरिया, प्रभारी निरीक्षक मनोज मिश्रा, गजेंद्र मोहन त्रिपाठी, शरद सोनी, विजय मिश्रा, राजू चौबे, मोनू पस्तोर सहित कई लोग मौजूद रहे।
किसी ने देखा हो तो बताए, जेई साहब कौन हैं
बैठक के दौरान जब पेयजल समस्या पर चर्चा हो रही थी, तब एसडीएम ने कहा कि किसी भी समस्या को प्रकाशित करने से पहले संबंधित जेई को अवगत करा दिया जाए ताकि समाधान कराया जा सके। इस पर उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि यदि किसी ने जल संस्थान के जेई को देखा हो तो बताए। लोगों का कहना था कि आज तक उन्होंने जल संस्थान के जेई को नहीं देखा। बैठक में केवल जल निगम के जेई मौजूद थे।