वार्ड नंबर तीन के अंतर्गत विभिन्न जगहों पर नाला-नालियों की सफाई नहीं हुई है, तो जगह-जगह नालियां मिट्टी से चोक पड़ी हैं। ग्वाल मुहल्ला के सामुदायिक शौचालय में उपले रख दिए गए हैं। वहीं, जेल चौराहे के सामने पुस्तकालय का भी हाल बेहाल है। मुहल्ला झसयापुरा में मार्ग की बिजली गुल है। इन हालात में मुहल्लेवासी हुए विकास से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।
नगर पालिका परिषद ने वार्डों के विकास पर लाखों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन वार्ड तीन की तस्वीर नहीं बदल सकी है। झसयापुरा में मार्ग प्रकाश व्यवस्था कई दिनों से खराब है। जिस कारण इलाके में अंधेरा पसरा हुआ है। तत्कालीन नपाध्यक्ष रमेश खटीक ने जेल चौराहे के पास पुस्तकालय का निर्माण कराया गया था, जिसे आज तक शुरू नहीं किया जा सका है। इसके रखरखाव पर काफी पैसा खर्च हो चुका है, लेकिन खिड़कियों में कांच के चंद टुकड़े ही रह गए हैं। हालांकि नपा ने इसकी सुध लेते हुए अब पुताई आरंभ कराई है। मोती मंदिर के रास्ते में नाले और नाली की सफाई ठीक नहीं है। ग्वाल मुहल्ले का सामुदायिक शौचालय न केवल गंदा है, बल्कि इसके परिसर में किसी ने उपले रख दिए हैं। बिजली के पोल नंबर 548 के पास हैंडपंप सूखा पड़ा है। दुकानदार साहिल खान का कहना है कि बस स्टैंड के पास नाला ढकने के लिए कई पत्र दिया है। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिला कारागार के सामने नाली में जगह-जगह मिट्टी भर गई है। वहीं, जिला पुस्तकालय के बगल से निकली नाली की सफाई महीनों से नहीं हुई है। यह नाली दुकानों के अतिक्रमण की चपेट में है। यही नहीं, बीएसए कार्यालय के सामने कालोनी के बगल से निकली नाली की भी सफाई नहीं हुई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कालोनी में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार सहित कई अधिकारी व सरकारी चिकित्सक निवास करते हैं। हजरत बाबा सदनशाह रहमत उल्ला अलैह द्वार के पास कूड़े के ढेर लगे हैं। समीप में बने प्रसाधन पर आज तक ओवरहेड टैंक नहीं रखा गया है। वार्ड के कई मार्ग अतिक्रमण की चपेट में है। इसकी अनदेखी की जा रही है।
नाला खुला होने के कारण इससे दुर्गंध उठती है। जिससे घर का दरवाजा खोलने की इच्छा नहीं होती है। इसके अलावा हर समय किसी अनहोनी होने का अंदेशा भी बना रहता है।
रजनी अहिरवार
वार्ड में कम ही काम कराए गए हैं। ग्वाला मुहल्ला में एक ही काम कराया गया है। जामा मस्जिद के पास कोई भी काम नहीं हुआ है। यही हाल झसयापुरा का है। यहां प्रस्ताव पारित होने के बाद काम नहीं कराया गया है। हद तो तब हो गई जब रमेश के डिब्बे से राठौर की पुलिया तक काम कराया जाना था, जिसे अंबेडकर पार्क तक सीमित कर दिया गया। इस अधूरे कार्य को विधायक ने पूरा कराया। कई बार वार्ड के विकास की ओर नपाध्यक्ष का ध्यान खींचा। लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। उन्होंने सफाई और प्रकाश व्यवस्था पर संतोष जाहिर किया।
मु. शरीफ कुरैशी, पार्षद
करीब 15 दिन से स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है। सफाई कर्मी भी नहीं आते हैं, जिस कारण घरों के आसपास के लोगों को खुद ही सफाई करनी पड़ती है। हालांकि कूड़ा लेने के लिए आपे जरूर आती है।
अनवार अहमद
सामुदायिक शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है। बाहर लगे हैंडपंप से लोग बाल्टी भरते हैं। अब हैंडपंप से पानी कम निकलने लगा है।
इंदिरा
वार्डों में हुए बहुत काम
नगर पालिका परिषद की आय सीमित है। इसके बाद भी वार्डों में काफी काम कराए गए हैं, जो निर्माण कार्य रह गए हैं। उसकी वजह बजट की कमी है। सफाई, प्रकाश व्यवस्था के लिए अधिकारी सीधे जिम्मेवार हैं।
सुभाष जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद ललितपुर।
नपाध्यक्ष ने दी सफाई
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने पार्षदों के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि नगर के विभिन्न वार्डों में कराए गए विकासात्मक कार्य की पत्रिका जारी की गई है। इसमें वार्डवार कामों का ब्योरा दिया गया है। वार्ड नंबर तीन में सीसी रोड, जेल परिसर में टीन शेड, महिला, पुरुष पेशाबघर का निर्माण, अंबेडकर पार्क के पास सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत, अंबेडकर पार्क में तिजोरीवाला मंच, भगवान बुद्ध की प्रतिमा के ऊपर पीपल के पत्ते के आकार में छतरी व चैनल गेट का निर्माण व निर्माणाधीन पुस्तकालय का सौंदर्यीकरण आदि कार्य कराए हैं।