ललितपुर। गरीब परिवारों को दीपावली पर्व पर गृह प्रवेश करने का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है। इसके निर्माण में धनराशि की कमी आड़े आ गई है। शासन ने जो धनराशि अवमुक्त की है, वह एक सौ तिरासी परिवारों के लिए कम पड़ गई है। इससे एक सैकड़ा से ज्यादा आवासों का निर्माण कार्य बाधित हो गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले निर्धन, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले परिवारों के लिए संचालित की जा रही है। इस महंगाई के दौर में गरीब परिवारों को पक्का मकान बनवाना सपने जैसा है। जिसे ध्यान में रखकर भारत सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना चला रखी है। इसके अंतर्गत जिले में 1680 आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। चयनित लाभार्थियों को प्रथम किस्त पहले ही दी जा चुकी है। बीते दिनों लाभार्थियों के बैंक खाते में द्वितीय व तृतीय किस्त भेजने के लिए धनराशि अवमुक्त की गई। इस दौरान 1424 बैंक खातों में ही द्वितीय किस्त की धनराशि अंतरित की जा सकी है। वहीं, करीब सौ लाभार्थी किस्त पाने से वंचित रह गए। इसी तरह तीसरी किस्त 175 लाभार्थियों के बैंक खातों में धनराशि हस्तांतरित की गई है। इसमें तिरासी लाभार्थी किस्त पाने से रह गए हैं। इस तरह कुल मिलाकर 183 लाभार्थियों के बैंक खाते में किस्त की धनराशि नहीं पहुंच पाई है। इससे उन लाभार्थियों को आवास निर्माण का काम आगे चलाना मुश्किल हो गया है। कइयों ने तो किस्त मिलने तक आवास का काम रोक दिया है तो कई किस्त आने की उम्मीद में उधार लेकर आवास का काम करा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि यह अकेले जिले का मामला नहीं है, अन्य जनपदों में भी किस्त देने के लिए धनराशि की कमी पड़ गई है। अब विभागीय अफसर शासन की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं।
इतनी मिलती धनराशि
प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए एक लाख बीस हजार रुपये की धनराशि का प्राविधान किया गया है। इसमें प्रथम किस्त चालीस हजार रुपये, द्वितीय किस्त सत्तर हजार रुपये व तृतीय किस्त में दस हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा लाभार्थी को मनरेगा के तहत नब्बे दिन की मजदूरी प्रदान की जाती है।
शासन से नहीं मिला धन
लाभार्थियों के बैंक खाते में डोगल लगा दिया गया है। जैसे ही शासन से धनराशि अवमुक्त होगी, वैसे ही लाभार्थियों के बैंक खाते में किस्त की धनराशि पहुंच जाएगी।
बलिराम वर्मा, परियोजना निदेशक डीआरडीए
आवास का चल रहा निर्माण
शासन से धनराशि अवमुक्त नहीं हुई है, जिससे कई लाभार्थियों को किस्त नहीं मिल पाई है। इसके बाद भी आवास का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने माना कि कुछ आवासों का निर्माण बाधित हो सकता है।
शिवनारायण, मुख्य विकास अधिकारी