ललितपुर। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का जन्मोत्सव मनाने के लिए कई संगठन आगे आए हैं। अमर उजाला की ओर से होने वाले आयोजन में विभिन्न संगठन/ संस्थाएं सहभागिता जता रहे हैं। शिक्षकों ने भी तय कार्यक्रमों में शामिल होने का निर्णय लिया है। डिजिटल कवि सम्मेलन से रानी के जन्मोत्सव का आगाज होगा।
रामरतन विद्या मंदिर में जय बुंदेलखंड विधि महाविद्यालय पनारी, बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा और मिशन फॉर क्वालिटी एजूकेशन ने तीन दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति तैयार की। 18 नवंबर को रानी झांसी के योगदान से संबंधित डिजिटल कवि सम्मेलन शाम पांच बजे से होगा। 19 नवंबर को शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों पर दीपोत्सव शाम 6 बजे होगा। 20 नवंबर को शाम पांच बजे झांसी की रानी का देश की आजादी में योगदान विषय पर परिचर्चा होगी। इसको सफल बनाने के लिए बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा से विवेक तिवारी, नवनीत किलेदार, मिशन फॉर क्वालिटी एजूकेशन के कार्यकर्ता अनंत तिवारी, जय बुंदेलखंड महाविद्यालय के विधि छात्र, प्राचार्य बुंदेलखंड विधि महाविद्यालय दिनेश बाबू गौतम, हेमंत तिवारी प्रांतीय उपाध्यक्ष एसजीएए, देवेंद्र रावत, जसवंत सिंह, दीप्ति जैन, राधा शर्मा, शिक्षिका नीलम कुशवाहा, रागनी मिश्रा, राधा बगबर शामिल हैं। उधर, विश्व हिंदू महासंघ के झांसी मंडल प्रभारी पवन शिवाजी भी आगे आए हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आगे आने से कई महिला शिक्षकों ने भी सहयोग करने का निर्णय लिया है। इनमें अनामिका लोहिया, अनुराधा मोदी, अनुप्रिया आदि शामिल हैं।
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ये कवि पढ़ेंगे रचनाएं
डिजिटल कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर मोहम्मद शकील, शिक्षक कवि शीलचंद जैन, राज्य स्तरीय कवि मोहिनी जैन, अमृता लोहिया, ब्रजेश चौरसिया, महोबा से रागिनी जैन, जयपुर से कुमकुमरानी, विधि छात्रा सोनम रानी झांसी के योगदान से ओतप्रोत काव्य रचनाएं प्रस्तुत करेंगी।
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नारी के शौर्य, पराक्रम एवं बलिदान की साक्षात प्रेरणा स्रोत महारानी लक्ष्मीबाई को शत - शत नमन करते हैं। खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी, आज भी कानों में ये पंक्तियां गूंजती हैं।
- कंचन प्रभा
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भारत में जब भी महिला सशक्तीकरण की बात होती है, तो महान वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की चर्चा जरूर होती है, वह महिलाओं की आदर्श हैं।
- राधा बगबर
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रानी झांसी की यश गाथा बुंदेलखंड के गौरव पुराण में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। रानी झांसी नारी अस्मिता का प्रतीक हैं, उनके जन्मदिन पर आयोजन करना और उसमें शामिल होना सौभाग्य की बात है।
- अमृता लोहिया
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रानी झांसी का देश की आजादी में किया गया योगदान न केवल बुंदेलखंड, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का प्रतीक है। उनकी स्मृति में प्रत्येक आयोजन वंदनीय है।
- अनुप्रिया चुघ
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स्वतंत्रता आंदोलन में अपना विशिष्ट स्थान रखने वाली रानी झांसी का जन्मदिन विद्यालय में पूर्ण हर्षोल्लास के साथ मनाना एवं उनके कार्यक्रमों में शामिल होना गौरव की अनुभूति वाले क्षण होंगे।
- रागिनी मिश्रा
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बुंदेलखंड का गौरव महारानी लक्ष्मीबाई का जन्म प्रत्येक युवा को त्योहार की तरह मनाना चाहिए। बुंदेलखंड की पहचान झांसी की रानी से है।
- विवेक तिवारी, जिलाध्यक्ष बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा
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बुंदेलखंड क्षेत्र को देश में पहचान दिलाने वाली रानी झांसी की गौरवशाली स्मृति के प्रत्येक आयोजन क्षेत्र के नागरिकों, कर्मचारियों, किसानों व युवाओं के लिए राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने का संकल्प लेना चाहिए।
- केदारनाथ तिवारी, प्रांतीय महामंत्री राष्ट्रीय शिक्षक संघ
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वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई ने स्वतंत्रता संग्राम की अगुवाई की थी। हर कोई उनका जन्मदिन मनाने के लिए लालायित है। जन्मदिन का भव्यता के साथ मनाया जाएगा।
-पवन जैन शिवाजी
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महारानी लक्ष्मीबाई ने पूरा जीवन स्वाभिमान से बिताया। उन्होंने अंग्रेजों के आगे नतमस्तक होने से बेहतर बलिदान करना उचित समझा। रानी के जीवन का हर पहलू प्रेरणादाई है।
- आशा देवी
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वीरांगना की जन्मदिन महोत्सव की तरह मनाया जाएगा। इस दौरान रानी के जीवन के बारे में बताकर युवा पीढ़ी को प्रेरित किया जाएगा।
- अनुराधा मोदी