ललितपुर/मड़ावरा। प्रागैतिहासिक दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में आर्यिका वैराग्यमती माता ने कहा कि नवागढ़ अतिशय क्षेत्र प्राचीन काल से धर्म, संस्कृति, इतिहास, कला, शिक्षा का केंद्र रहा है। यहां से प्राप्त पुरातन विरासत से सिद्ध होता है कि यह राजनीतिक, संस्कृति के साथ धर्म, साधना, आत्म कल्याण का प्रमुख स्थान रहा है। इस अवसर पर भगवान अरनाथ स्वामी के चरणों में आचार्य परमेष्ठी महामंडल विधान एवं शांतिधारा का आयोजन किया गया।
आर्यिका वैराग्यमती माताजी, प्रशममती माताजी, सहजमती माताजी, धवलमती माता जी के सानिध्य में ब्रह्मचारी जय कुमार निशांत के निर्देशन में मंगलाष्टक के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मूलनायक अरनाथ भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा श्रद्धालुओं ने की। शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रदीप जैन, राकेश जैन, आकाश गोदरे, पवन जैन, प्रमोद जैन और पूजन द्रव्य का पुण्यार्जन पवन कुमार, प्रमोद जैन ने प्राप्त किया। आचार्य परमेष्ठी विधान में श्रद्धालु भक्ति में थिरक उठे। नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों ने भक्ति भाव के साथ विधान में सहभागिता की।
आर्यिका संघ को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य नरेंद्र जैन कोषाध्यक्ष, डॉ भरत गुढ़ा, वैभव जैन परिवार को प्राप्त हुआ। क्षेत्र के अध्यक्ष सनत कुमार जैन, संयोजक वीरचंद जैन, कपूरचंद जैन, नरेंद्र जैन, राकेश जैन, मुकेश शास्त्री, प्रचार मंत्री डॉ सुनील संचय, मनीष संजू, डॉ. अजय जैन, डॉ. राजीव जैन, डॉ. शोभा जैन, सीमा जैन, वैभव जैन, विमल जैन, आनंद, अमित जैन मौजूद रहे।
अजित नाथ भगवान का किया महामस्तकाभिषेक
महरौनी। आर्यिका रत्न चिंतन मति माता ससंघ के सानिध्य में रविवार को मूलनायक भगवान अजितनाथ स्वामी का महामस्तकाभिषेक किया गया। आर्यिका चिंतनमति ने कहा कि नया वर्ष नई चुनौती, नया संकल्प, नया उत्साह, नई उम्मीद, नई रोशनी लेकर आता है। संतों की दृष्टि में प्रत्येक क्षण, प्रत्येक दिन, प्रत्येक माह नया वर्ष होता है। प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य सुनील, अर्पित और ऋषभ, पवन को प्राप्त हुआ। श्रावकों ने भगवान अजितनाथ का अभिषेक पूजन किया।