ललितपुर। जिले की पुरातत्व संपदा और बुंदेलखंड की संस्कृति को संरक्षित करने के लिए गांव सौजना में बुंदेली विरासत म्यूजियम बनाया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग ने जमीन की खोज शुरू कर दी है। इस म्यूजियम में प्राचीन मूर्तियों और अन्य अवशेषों का संरक्षण किया जाएगा। साथ ही पर्यटक पुरातत्व संपदा के इतिहास और कला के बारे में जान सकेंगे।
विंध्याचल पर्वत शृंखला से घिरे ललितपुर का बुंदेलखंड में ऐतिहासिक महत्व है। जिले के ब्लॉक महरौनी के गांव सौजना क्षेत्र में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर कुछ साल पहले खोदाई के दौरान प्राचीन मूर्तियां मिलीं। कुछ मूर्तियों को संरक्षित कर संग्रहालय में रखवा दिया गया। जबकि कुछ मूर्तियां आज भी सौजना में रखी हुई हैं।
अब इन मूर्तियों और अन्य अवशेषों को संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए गांव सौजना में बुंदेली विरासत म्यूजियम का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए करीब चार हेक्टेयर भूमि की चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार भूमि मिलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
किलों का किया जा रहा जीर्णोद्धार
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किला और कोठी बनी हुई हैं। कुछ माह पूर्व शासन ने जिले की ऐसी ही सात धरोहरों को जीर्णोद्धार करने के लिए चयनित किया था। इन दिनों जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। इन्हें पर्यटन स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है।
प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का हो रहा विकास
जिले में कई प्राकृतिक स्थल हैं। जहां का नजारा काफी अच्छा और मनोरम होता है। जनपद के इन दर्शनीय स्थलों को प्रदेश के पर्यटन पटल पर लाने के लिए विकसित किया जा रहा है। जिससे कि इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलने लगेगा।
राजस्व गांव सौजना में बुंदेली विरासत म्यूजियम बनाया जाएगा। जिसमें इस क्षेत्र की पुरातात्विक संपदा जैसे मूर्तियां, उनके अवशेषों को संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए भूमि चयन की प्रक्रिया की जा रही है।
हेमलता, पर्यटक अधिकारी/सचिव जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद ललितपुर