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जवारे विसर्जन पर रहा कड़ा पहरा,घर से बाहर निकले भक्तों कौ वापिस लौटाया

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सुम्मेरा तालाब पर की गई बेरीकेडिंग - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। नवरात्र के अंतिम दिन जवारे विसर्जन पर कोरोना के कारण पुलिस व प्रशासन की कड़ा पहरा लगा रहा। मंदिरों में ताले पड़े रहे। कपाट बंद रहे। नवमी को जवारे न निकलें, इस बात को लेकर प्रशासन भी अलर्ट रहा और सुम्मेरा तालाब की बैरीकेटिंग की गई। इस कारण श्रद्धालुओं ने घर पर शंख, झालर एवं घंटा घड़ियाल बजाकर श्रीरामजन्मोत्सव मनाया।
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कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया गया है। इसके चलते 25 मार्च से नवरात्र एवं अन्य उत्सवों पर रोक रही। ताकि भीड़-भाड़ एकत्रित न हो। इस बार चैत्र नवरात्र पर्व पर नौ दिन तक मंदिरों के कपाट बंद रहे और सिर्फ पुजारियों द्वारा पूजन-अर्चन किया गया। पंचमी, अष्टमी और नवमीं को जहां पूर्व में श्रद्धालु की मंदिरों में भीड़ लगती थी, अबकी बार लोगों ने घरों से ही पूजन किया। अष्टमी व नवमी को मंदिरों में श्रद्घालु नहीं पहुंचे। घरों में विराजमान देवी प्रतिमाओं की आराधना की।
नवमी को श्रीराम जन्मोत्सव पर्व भी मंदिरों में पुजारियों या फिर समितियों के चार से छह सदस्यों के मध्य सादगी से मनाया गया। श्री जगदीश मंदिर समिति द्वारा मंदिर में पुजारी समेत पांच लोगों की उपस्थिति में श्रीराम का प्राकट्योत्सव हवन पूजन और भगवान का अभिषेक कर मनाया गया। इस दौरान भगवान के मंदिरों के कपाट बंद रहे। सुम्मेरा तालाब पर चारों ओर पुलिस लगाने के साथ ही बल्लियों की बैरीकेटिंग लगा दी गई थी, हर आने जाने वाले खासकर जवारे का खप्पर लेकर जो भी निकला, तो उसे वापस लौटा दिया गया।
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