जैन अटामंदिर में आचार्य संघ के सानिध्य में हुआ भक्तामर शिविर का शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर में रविवार को विनम्र सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में श्रीभक्तामर शिविर का शुभारंभ हुआ। आचार्यश्री ने श्रावकों को भक्तामर स्त्रोत की महिमा बताते हुए इसे अतिशयकारी बताया। कहा कि इसकी आराधना और भक्ति जीवन में कल्याणकारी है। उन्होंने कहा कि भक्त कभी अपने गुरु का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता है।
आचार्यश्री ने भक्तामर स्त्रोत की रचना और कारण के संबंध में कहा कि सातवीं शताब्दी में उज्जैन की धार नगरी में राजा भोज के समय आचार्य मानतुंग स्वामी ने जेल में प्रथम तीर्थेश आदिनाथ प्रभु की भक्तिपूर्वक आराधना संस्कृत में की थी। उधर, भक्तामर शिविर का शुभारंभ आचार्य विनम्र सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में भगवान के अभिषेक एवं शांतिधारा व मुनि विज्ञसागर महाराज के मुखारविंद से पुर्ण्याजक परिवार ने की। शिविर का ध्वजारोहण सुनील कुमार, नीलेश समैया परिवार ने और आचार्य श्री के पादप्रक्षालन विधान पुर्ण्याजक सवाई सिंघई शीलचंद राजीव अनौरा परिवार ने किया।
संगीतमय पूजन के उपरांत विधान पं. जयकुमार जैन ने संपन्न कराया जिसमें महिला मंडल सहित उपस्थित भक्तजनों ने अर्घ समर्पित किए। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया ने किया। इस मौके पर मंदिर प्रबंधक कपूरचंद, धार्मिक संयोजक मनोज जैन, अखिलेश, आनंद जैन, मीना इमलिया, राजेंद्र जैन, कोमल, अक्षय अलया, प्रेमचंद, रामप्रकाश जैन, संजीव जैन, आनंद, अमिताभ जैन, गेंदालाल सतभैया, जिनेंद्र जैन, चंदन सिंघई,अनंत सराफ आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।