ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक सपोर्ट देने की जगह डायट में शिक्षण कार्य कर रहे संबद्घ एबीआरसी हटाए जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस संबद्घीकरण को गलत ठहराया है। ब्लाक संसाधन केंद्रों को अकादमिक हब बनाने के उद्देश्य से बीआरसी एवं विषयवार एबीआरसी की तैनाती की गई है। पिछले कई सालों से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इसे ध्यान में रखकर तत्कालीन बीएसए विनोद कुमार मिश्रा ने डायट प्राचार्य की मांग पर आधा दर्जन सह समन्वयकों को संबद्घ कर दिया था। इसमें से तालबेहट के एक सह समन्वयक ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए संबद्घीकरण समाप्त करा लिया था। लेकिन, वर्तमान में विभिन्न ब्लाकों के सह समन्वयक डायट में डटे हुए हैं। इनमें ब्लाक बार से हेमंत तिवारी, तालबेहट से विनीत तिवारी, बिरधा से आलोक श्रीवास्तव, हरिनारायण और जखौरा से दीपा सिंधी शामिल हैं। नवांगुतक बीएसए शिवप्रसाद यादव ने इसकी समीक्षा करते हुए संबद्घ एबीआरसी को वापस बीआरसी भेजने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि सह समन्वयकों को किसी भी दशा में संबद्घ नहीं किया जा सकता है। उनका जो काम है, उसे ही कराया जाएगा। यदि डायट प्राचार्य को शिक्षण कार्य कराने के लिए शिक्षकों की जरूरत है तो वह योग्य शिक्षकों की मांग कर सकती हैं।
बिरधा में कम पड़ गए एबीआरसी ब्लाक बिरधा में दो एबीआरसी व्यक्तिगत कारणों के चलते पद से त्यागपत्र दे चुके हैं। इन हालात में सह समन्वयक प्रशांत कुमार ही ब्लाक में रह गए हैं। वहीं, तालबेहट में विनीत तिवारी बीआरसी के संयुक्त खाता धारक हैं। ऐसी स्थिति में शैक्षिक सपोर्ट सहित बीआरसी का कार्य बाधित हो रहा है।