ललितपुर। देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर बनाए जा रहे ओवरब्रिज के निर्माण के लिए बाधा बन रहे मंदिर, मकान और होटल के बाहरी हिस्सों को जिला प्रशासन के अमले की मौजदूगी में जेसीबी मशीन से ढहा दिया गया। इस दौरान कोई हंगामा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही छह थानों का पुलिस बल भी मौजूद रहा।
शहर में देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य बीते तीन वर्ष से सेतु निगम के माध्यम से चल रहा है। अभी तक नेहरूनगर की ओर नौ पिलर और गाटर पर स्लैब के अलावा अन्य निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं, रेलवे क्रॉसिंग से रेलवे स्टेशन तिराहा की ओर भी लगभग आठ पिलर का निर्माण कार्य हो चुका है। क्रॉसिंग के पहले चंडी माता मंदिर की ओर मोड़ पर पिलर एवं गाटर के निर्माण में एक मकान, होटल व एक मंदिर का बाहरी कुछ हिस्सा आड़े आ रहा था, जिसके चलते यहां ओवरब्रिज का निर्माण कार्य रुका हुआ था। बीते रोज इसी को लेकर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से ओवरब्रिज के निर्माण की प्रगति में आ रही समस्याओं के चलते निरीक्षण भी किया था। साथ ही निर्माण में बाधा बन रहे विवादित भवन पर अधिकार बता रहे दो पक्षों से वार्ता कर ओवरब्रिज निर्माण का कार्य करने के लिए मकान के बाहरी हिस्से को ध्वस्त करने की बात कर मुआवजा व अधिकार संबंधी विवाद के निस्तारण का आश्वासन दिया था, साथ ही मंदिर और होटल के बाहर कोने के हिस्से को ध्वस्त करने के संबंध में भी चर्चा की गई थी। इसी के चलते मंगलवार की सुबह करीब दस बजे जिला प्रशासन के अधिकारियों, अपर पुलिस अधीक्षक, एसडीएम सदर, सीओ सिटी, सेतु निगम के अधिकारियों व राजस्व के अधिकारियों के साथ ही कोतवाली ललितपुर, महिला थाना पुलिस, थाना सोजना, थाना जाखलौन, थाना जखौरा और थाना बानपुर के थानाध्यक्ष समेत पुलिस बल की मौजूदगी में विवादित मकान का बाहरी हिस्सा को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। वहीं, मकान के बगल में बने एक होटल के बाहरी कोने की दीवार को गिराया गया। इसी प्रकार मकान के आगे देवगढ़ क्रॉसिंग की ओर बने मंदिर के बाहरी हिस्से को ध्वस्त किया गया। इस दौरान यहां भारी भीड़ जमा हो गई थी और यातायात विभाग द्वारा यहां वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया, ताकि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान कोई बाधा न आए।
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ओवरब्रिज के निर्माण में एक मकान का बाहरी कुछ हिस्सा और होटल का एक कोना एवं मंदिर का बाहरी हिस्से (चबूतरा) से बाधा आ रही थी। जिला प्रशासन के साथ बैठक में यह समस्या रखी गई थी, अब जिला प्रशासन की मदद से उक्त मंदिर, मकान व होटल के बाहरी कुछ हिस्से को ध्वस्त किया गया है, ताकि ओवरब्रिज का शेष कार्य पूरा हो सके।
-धर्मेंद्र कुमार, अवर अभियंता, सेतु निगम।