संवाद न्यूज एजेंसी
अर्जुन खिरिया/ललितपुर। ब्लॉक मड़ावरा अंतर्गत ग्राम पंचायत अर्जुन खिरिया में मूलभूत सुविधाओं की कमी से ग्रामीण समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां पर सड़क, नाली व पानी तक की सुविधा नहीं हो सकी है। यही नहीं युवाओं के लिए बना खेल मैदान भी अनदेखी की भेंट चढ़ गया है। यहां कंटीली झाड़ियां उग आने से खेलना तक मुश्किल हो गया है। आरआरसी का संचालन तक नहीं हो सका है। पुस्तकालय का निर्माण तक नहीं किया गया है। कई गलियों में दूषित पानी की निकासी के लिए नाली का अभाव बना हुआ है। इससे बारिश में रास्तों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। ऐसे में निकासी तक मुश्किल हो जाती है। वहीं अब भी पत्थर खड़ंजा की सड़क है, जो वर्तमान में भी कई जगह अधूरी बनी हुई है। इससे सुरक्षित निकलना तक दुश्वार हो जाता है।
-
जर्जर हालत में हैं श्मशान घाट
ग्राम पंचायत में विकास तो दूर श्मशान घाट तक जर्जर बना हुआ है। यहां पर सफाई का कार्य तक ठीक से नहीं किया जा रहा है। चारों ओर गंदगी व कचरा पड़ा हुआ है। यही नहीं कटीली झाड़ियों से सुरक्षित निकलना तक मुश्किल हो रहा है। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए लोगों को परेशानी हो रही है। इसके बाद भी अब तक जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं।
-
गहराया पेयजल संकट
ग्राम पंचायत में पानी के लिए हर घर नल जल योजना के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाई गई है। घर-घर पानी पहुंचाने के लिए नलों के कनेक्शन किए गए हैं। लेकिन, अब तक पूरे गांव को पानी नहीं मिल सका है। सीमित क्षेत्र में पानी मिल रहा है, प्रेशर न होने से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में लोगों को हैंडपंप मात्र ही सहारा बने हुए हैं। इसमें भी अधिकांश खराब बने रहते हैं। इससे पानी की किल्लत बनी हुई है।
-
फोटो- 14
कैप्सन- पृथ्वी अहिरवार
ग्राम पंचायत में मनमाने तरीके से कार्य कराए जाते हैं। भीषण गर्मी में पानी की किल्लत के बाद भी हैंडपंप तक ठीक न हीं कराए जा रहे हैं। शिकायत के बाद ठीक किए जा रहे हैं।
- पृथ्वी अहिरवार।
-
फोटो- 15
कैप्सन- प्रभान यादव
ग्राम में अब भी कई कार्य अधूरे पड़े हुए हैं। चारागाह की जमीन पर कब्जा नहीं हटाया गया है। बारिश का मौसम आ गया है। अब विकास कार्य होने में परेशानी होगी।
- प्रभान यादव ।
-
ग्राम पंचायत में कार्यकाल में विकास कार्य कराए गए हैं, बढ़ाए गए कार्यकाल में सभी अधूरे पड़े कार्याें को पूरा कराया जाएगा।
- ओम प्रकाश तिवारी, ग्राम प्रधान, अर्जुन खिरिया।
-
अधूरे कार्यों को छह माह में पूर्ण कराने का प्रयास किया जाएगा।
- निखिल मित्तल, ग्राम विकास अधिकारी, मड़ावरा।