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कर्मों से होता जीवन में भाग्य का निर्धारण- मुनि सुधासागर

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ललितपुर। श्री अभिनंदनोदय तीर्थ में धर्मसभा को संबोधित करते मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज ने कहा कि प्रत्येक वस्तु का अपना गुण धर्म है अपना स्वभाव है, नमक का स्वभाव खारापन, पानी का स्वभाव शीतलता। व्यक्ति सांप को देखता है तो काल नजर आता है क्योंकि उसमें जहर है और अगर सांप से पूछो तो वह कहेगा मेरे पास जहर है यही मेरी जिंदगी है, जहर ही उसका रक्षक है। हम सांप को सांप की दृष्टि से नहीं देख रहे, हम उसे अपनी दृष्टि से देख रहे हैं। हम अपना नफा नुकसान देखते हैं, इसलिए प्रत्येक वस्तु को अपने नजरिए से देखते हैं।
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मुनिश्री ने कहा कि दुनिया में दो दृष्टिकोण होते हैं, एक दुश्मन का दूसरा उपकारी का। दुश्मन का दृष्टिकोण ये होता है कि वह सामने वाले व्यक्ति को कुछ अच्छा देना नहीं चाहता क्योंकि अगर हम इसको कुछ अच्छी वस्तु अच्छी बातें या अच्छा रास्ता बता देंगे तो ये सुखी हो जाएगा क्योंकि वह सामने वालों को सुखी देखना ही नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि महावीर की वाणी है कि तुम सामने वाले को दुखी करने का भाव क्यों करते हो क्योंकि व्यक्ति का जब भी बुरा होगा उसके अपने कर्मों के द्वारा होगा, तुम क्यों उसके बारे में बुरा सोचकर पाप कमा रहे हो।
दूसरा दृष्टिकोण होता है मित्रवत, जो परम उपकारी है, व्यक्ति वस्तु मांग रहा, पर वो नहीं दे रहा क्योंकि उस वस्तु के देने से उसका अहित हो सकता है, मांगने पर भी नहीं दे रहा जैसे बेटा मांग रहा और मां नहीं दे रही क्योंकि देने से बच्चे का अहित हो सकता है, समझ लेना वह परम उपकारी है हितैषी है, मां को मालूम है, बल प्रदान करने वाली है पर मां को बच्चे की तासीर का पता है कि अगर बच्चे के मांगने पर उसके प्रति दिखायी तो बच्चा बीमार हो जाएगा, इसलिए अच्छी वस्तु को भी देने से इंकार कर दिया। यह है परम उपकारी का दृष्टिकोण। बेटा प्राणों से प्यारा है, फिर भी वस्तु देने से इंकार कर रही है। प्रभु श्रीराम के जीवन का एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब लक्ष्मण जी को शक्ति लग गई और उपचार की बताया हुई तो दुश्मन पक्ष के वैद्य को लंका से बुलाया गया प्रभु राम ने कहा भले ही वैद्य लंका से आया हो पर मुझे विश्वास है कि वैद्य किसी पक्ष का नहीं होता वैद्य तो रोग का उपचार करता है। वैद्य कभी भी अहित नहीं करता रावण पक्ष का वैद्य होने पर भी संदेह नहीं किया। मुनिश्री के मुखारविंद से हुई शांतिधारा का सौभाग्य सुरेंद्र कुमार अभिनंदन एवं हेमंत जैन रमेश, जैन दीपक परिवार को प्राप्त हुआ। इसकी व्यवस्थाओं में ब्र. मनोज, ब्र.सविता,अनीता मोदी सहित महिला मंडल का सक्रिय योगदान मिल रहा है। आयोजन की व्यवस्थाओं में जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल अंचल, मंदिर प्रबंधक राजेंद्र, मोदी पंकज जैन पार्षद, संजीव,जिनेंद्र, आलोक मोदी, सत्येंद्र मौजूद रहे।
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आहारदान का मिला सौभाग्य
बृहस्पतिवार को निर्यापक मुनि सुधासागर महाराज को पडगाहन एवं आहारदान का सौभाग्य राकेश जैन परिवार, मुनि पूज्य सागर महाराज पडगाहन एवं आहार का सौभाग्य अनिल खिरिया परिवार को ,ऐलक धैर्य सागर के पडगाहन व आहार सुबोध परिवार एवं क्षुल्लक गंभीर सागर को पडगाहन व आहार का सौभाग्य किरन प्रकाश शास्त्री कोटा वालों को क्षेत्रपाल मंदिर धर्मशाला में प्राप्त हुआ।
प्रशिक्षण शिविर में छात्र छात्राओं ने लिया भाग
संत सुधासागर बालिका महाविद्यालय, छात्रावास सांगानेर जयपुर एवं श्रमण संस्कृति संस्थान के छात्र छात्राओं का 12 दिवसीय श्री समयसार प्रशिक्षण शिविर में चतुर्थ सोपान में सुबह एवं दोपहर में प्रशिक्षण शिविर मुनि सुधासागर महाराज, पूज्य सागर महाराज के मुखारविंद से हुआ। इसमें सैकड़ों छात्र छात्राएं एवं धर्म प्रेमियों ने धर्मलाभ लिया।
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