- छह माह से अधिक समय बीता, 16 बसों का होना था संचालन, महज एक ही चली
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए झांसी-ललितपुर मार्ग पर इलेक्ट्रिक बस चलाईं जाना थी। परिवहन निगम के प्रस्ताव पर शासन ने 16 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को स्वीकृति दी थी। लेकिन, छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान में महज एक ही बस चल रही है, जिसके एवज में दूसरी डीजल बस के फेरे कम कर दिए हैं। ऐसे में यात्रियों को सफर में परेशानी हो रही है।
जिले में झांसी-ललितपुर रूट में मध्यप्रदेश का कुछ हिस्सा आता है। इससे रोडवेज को परमिट नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में वर्तमान में महज पांच रोडवेज बसों का संचालन हो पा रहा है। बसों की संख्या न बढ़ने से परेशानी बनी हुई है। विभागीय अधिकारियों ने प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
ऐसे में विभाग ने परमिट की समस्या को दूर करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारियां की थी। यहां पर 16 बसों के संचालन का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा था। इस पर मुख्यालय से स्वीकृति मिल गई थी। लेकिन, पांच माह बीतने के बाद भी बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान में महज एक ही बस चल रही है। 15 बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका है।
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एक इलेक्ट्रिक चली तो बंद हो गई डीजल बस
इलेक्ट्रिक बस के संचालन को परमिट की आवश्यकता नहीं थी। ऐसे में विभाग को मिली एक इलेक्ट्रिक बस का संचालन शुरु किया था। लेकिन, इस इलेक्ट्रिक बस के एवज में एक डीजल बस का फेरा कम कर दिया। इससे स्थिति जस की तस रही। ऐसे में विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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डिपो में एक इलेक्ट्रिक बस प्राप्त हुई थी, जिसका संचालन शुरू कर दिया है। शेष बसें मिलने पर संचालित कराई जाएंगी।
- संतोष कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम, झांसी