ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला खिरकापुरा में आबादी के पास खोली गई लाइसेंस शराब की दुकान का विरोध करने पर महिलाओं पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया। इस मामले में जिला प्रशासन द्वारा दुकान तो नहीं हटवाई गई लेकिन शराब विक्रेता की तहरीर पर मुकदमा जरूर लिखा दिया गया। इससे मोहल्लेवालों में इस कार्रवाई से आक्रोश पनप रहा है और उक्त दुकान हटाई जाकर मुकदमा की कार्रवाई वापस लिए जाने की मांग की है।
मोहल्ला खिरकापुरा स्थित हाईवे से मोहल्ले की ओर जाने वाले मार्ग में आबादी के पास देसी शराब की दुकान खोली गई है। यहां रोजाना शराब की दुकान पर शराब खरीदने वालों और नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। शाम के समय तो जब महिलाएं एवं लड़कियां निकलती हैं तो यहां शराबियों द्वारा उन पर फब्तियां कसी जाती हैं और उनके साथ छेड़छाड़ तक होती है लेकिन वह बदनामी के डर से पुलिस तक नहीं पहुंच पाती हैं। कई बार तो महिलाओं की कहासुनी तक हो जाती है। यहां तक कि मोहल्ले में शराब की दुकान होने से बच्चों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। इन्हीं सब बातों के चलते महिलाओं द्वारा बीते कई महीनों से यहां स्थित शराब की दुकान का विरोध किया जा रहा है और अधिकारियों को कई बार ज्ञापन देकर दुकान हटाने की मांग की गई है। इसके बाद भी जब यह शराब की दुकान मोहल्ले से नहीं हटी तो बीते रोज रविवार को मोहल्ले की महिलाओं ने एकत्रित होकर शराब की दुकान का विरोध किया और जाम लगा दिया। इसमें मोहल्ले के पुरुष भी शामिल हो गए और यह देख कुछ हिंदू संगठन भी दुकान हटाने के लिए मोहल्लेवालों के साथ खड़े होकर विरोध में शामिल हो गए। महिलाओं द्वारा पत्थरों व लाठियों से शराब की दुकान के शटर एवं खिड़कियां पीटकर दुकान हटाने की मांग की गई थी। जिस पर पुलिस व आबकारी अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और दुकान हटाने का आश्वासन देकर महिलाओं व लोगों को समझाया, जिस पर वह मान गए लेकिन शराब की दुकान तो नहीं हटाई गई। उलटा शराब विक्रेता अनिल राय की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला के मोनू कुशवाहा, मुकेश, महेश, शिवनारायण, बंटू महाराज करणी सेना, लल्लू कुशवाहा, रामदास कुशवाहा, शिवा कुशवाहा, भागीरथ कुशवाहा, प्रकाश कुशवाहा एवं अन्य 20-25अज्ञात महिला एवं पुरुषों पर मुकदमा जरूर दर्ज कर लिया। जिससे महिलाओं में घोर निराशा और आक्रोश है।
महिलाओं द्वारा मोहल्ले में शराब की दुकान हटाने को लेकर सिर्फ विरोध किया गया था, लाठियों व पत्थरों से शटर पीटकर सांकेतिक विरोध भी किया था। तोड़फोड़ नहीं की गई है। जबकि पुरुषों ने मात्र सड़क पर खड़े होकर विरोध किया था। करणी सेना की ओर से उनकी बात का समर्थन करने के लिए विरोध में शामिल हुए थे। जो कार्रवाई की गई है, गलत है, दुकान हटना ही उनकी मात्र पहली प्राथमिकता है।
बंटू महाराज, करणी सेना।
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मोहल्ले में आबादी के बीच में शराब की दुकान है। जिसे कई दिनों से हटाने की मांग की जा रही है। महिलाओं द्वारा पहले भी अधिकारियों को ज्ञापन दिए हैं, लेकिन अब तक दुकान नहीं हटी, जिस पर रविवार को महिलाओं का आक्रोश भड़क गया और दुकान के पास एकत्रित होकर दुकान हटाने को लेकर प्रदर्शन मात्र किया था। दुकान में तोड़फोड़ नहीं की गई है। यदि महिलाओं व किसी भी व्यक्ति पर कार्रवाई की गई है, तो वह गलत है। पहले दुकान हटाएं, यहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
मोनू कुशवाहा, नागरिक।
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शराब की दुकान उक्त मोहल्ले से हटाने की प्रक्रिया चल रही है लेकिन अशांति फैलाने व मनमाने तरीके से उपद्रव करने पर कार्रवाई की गई है। जबकि शहर में धारा 144 भी लगी है, जिसका यह उल्लंघन किया गया है।
प्रमोद कुमार, पुलिस अधीक्षक।