ललितपुर।
जिले में डेंगू धीरे- धीरे पैर पसारता चला जा रहा है। नई बस्ती क्षेत्र
के दो मरीज व तालबेहट का एक मरीज डेंगू से पीड़ित होने के कारण उनका
ग्वालियर में इलाज चल रहा है। अब तक डेंगू के आधा दर्जन मामले सामने आ चुके
हैं, लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी रोकथाम को लेकर कोई
कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल में डेंगू परीक्षण के लिए किट
उपलब्ध है, लेकिन डेंगू के पर्याप्त इलाज की व्यवस्था नहीं होने के कारण
मरीजों को झांसी अथवा ग्वालियर रेफर करना पड़ता है। जिला अस्पताल में डेंगू
के लिए बनाए गए वार्ड में चार बेड सुरक्षित हैं, लेकिन डेंगू के मरीजों को
उपचार की सुविधा नहीं मिलने के कारण सभी मरीजों को ग्वालियर रेफर किया जा
रहा है।
नहीं लिया सैंपल
ललितपुर। गत वर्ष
डेंगू से एक मौत होने के बाद जिला प्रशासन की नींद खुली थी और जिले भर में
मच्छर के लार्वा के सैंपल लिए गए थे। जांच में नगर में साईं मंदिर के पास,
नई बस्ती आदि जगहों पर डेंगू फैलाने वाले मच्छर के लार्वा पाए गए थे। बाद
में इसकी रोकथाम के उपाय भी शुरू किए गए थे। लेकिन, इस वर्ष डेंगू की
रोकथाम को लेकर कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। जिन जगहों पर पिछली बार लार्वा
मिला था, वहां वर्तमान में काफी जलभराव है। जलभराव के कारण उन जगहों पर
डेंगू के मच्छर पनपने की संभावना है। दिलचस्प यह है कि जिला मलेरिया विभाग
का कहना है, कि इस वर्ष बारिश नहीं होने के कारण ज्यादा जलभराव नहीं है,
इसलिए कोई सैंपल नहीं लिया गया।
डेंगू के परीक्षण के लिए जिला अस्पताल में किट उपलब्ध है, लेकिन इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
- डा. संजय वासवानी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल