ललितपुर। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रसाधन विभाग के अफसर जिम्मेदारी नहीं होने के बाद भी विभागीय कार्य कर रहे हैं। वह जांच कर रहे हैं, जबकि जांच टीम का गठन ही नहीं किया गया है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रसाधन विभाग महत्वपूर्ण विभाग है।
यह विभाग खाद्य पदार्थों की जांच करके गुणवत्तायुक्त सामग्री आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाना सुनिश्चित करता है। समय-समय पर अफसर दुकानों पर जाकर सैंपल लेने का काम करते हैं। इनको आगरा स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाता है। जांच में अमानक पाए जाने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। लेकिन, विभागीय अधिकारी मनमानी कर रहे हैं।
वर्तमान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जावेद अख्तर को महरौनी व तालबेहट तहसील की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि नगर के अंदर व बाहर सीमा में राजकुमार घोष जांच की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। विभाग में सितंबर माह तक मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र काम देख रहे थे।
उच्च न्यायालय ने मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी को तीन सितंबर को पदानवत कर दिया और उनको खाद्य सुरक्षा अधिकारी बना दिया गया। तब से लेकर उन्होंने न तो चार्ज दिया और न ही विभाग में कार्य का विभाजन किया गया है। इसके बाद भी वह विभिन्न क्षेत्रों में जांच करने के काम में लगे हुए हैं। इससे विभागीय कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उनको मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी से पदानवत करके खाद्य सुरक्षा अधिकारी बना दिया गया, लेकिन वर्तमान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी का चार्ज उनके पास है। विभाग के जिम्मेदारों पर बड़े व्यापारी और अन्य छोटे दुकानदार मनमानी के आरोप लगाते रहते हैं।