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Lalitpur News: गेट पर वकीलों का प्रदर्शन, लोक अदालत में पहुंची वादकारियों की भीड़

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वकीलों ने किया राष्ट्रीय लोक अदालत का किया विरोध
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हापुड़ की घटना को लेकर हड़ताल पर चल रहे वकील, वादकारियों को हुई परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। हापुड़ के मामले को लेकर हड़ताल पर चल रहे वकीलों ने अपना विरोध प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रखा। कचहरी परिसर में भारी पुलिसबल की तैनाती के बीच वकीलों ने जमकर नारेबाजी करते हुए राष्ट्रीय लोक अदालत का विरोध किया। असल में गेट पर प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने आने वाले वादकारियों को तो अंदर जाने से नहीं रोका, लेकिन उन्होंने किसी भी वकील को अंदर नहीं घुसने दिया। इससे काम बाधित रहा। दूर-दूर से आए वादकारी वकीलों की नारेबाजी सुनते रहे।
उधर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जारी पत्र में बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित हुई लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण कार्य बाधित रहा। शनिवार को कचहरी परिसर में भारी पुलिसबल की तैनाती के बीच अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए राष्ट्रीय लोक अदालत का विरोध किया। 29 अगस्त को हापुड़ में वकीलों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठी चार्ज किया गया था। लाठी चार्ज में कई वकील घायल भी हो गए थे और लाठी चार्ज किए जाने का मामला शांत होता नहीं दिख रहा है।
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वहीं, शासन स्तर पर एसआईटी टीम का गठन भी किया गया था। जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री महेंद्र जैन झब्बू ने बताया की एसआईटी टीम में सेवानिवृत्त जज को शामिल किया गया है। लेकिन वकीलों ने इस नाम पर विरोध जताते हुए कहा कि यह नाम शासन ने ही सुझाया है। ऐसे में निष्पक्ष जांच होना संभव नहीं है। एसआईटी टीम में हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश शामिल होने चाहिए।
उधर, युवा अधिवक्ताओं ने जमकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर लोक अदालत का बहिष्कार किया है। यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक पुलिस के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की जाती तब तक हम आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
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आंदोलन के दौरान सैकड़ों अधिवक्ता सुबह से शाम तक अदालत के गेट पर डटे रहे। इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रजेंद्र यादव सहित अन्य पदाधिकारी व अधिवक्ता मौजूद रहे। जबकि लोक अदालत में वादकारियों की काफी भीड़ रही। नारेबाजी और काम बाधित होने से बाद में लोग चले गए।
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