ललितपुर। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि 25 जून 1975 को भाजपा लोकतंत्र और राजनीति के काला अध्याय के रूप में मना रही है। वह बुधवार को बाबू कल्याण सिंह सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया।
मंत्री ने कहा कि 25 जून 1975 की दरमियानी रात में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगा दी थी। 26 संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिसमें प्रमुख विपक्षी दल भी शामिल थे, इनके नेताओं को जेल में बंद कर दिया गया।
सांसद पं. अनुराग शर्मा ने कहा कि अपना युवा काल खोने वाले लोकतंत्र सेनानियों को नमन करता हूं। श्रम एवं सेवा राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने कहा कि इस काले अध्याय को कभी भूला नहीं जा सकता।
सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को दी गई यातनाओं के बारे में सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत ने कहा कि कार्यक्रम में सबसे ज्यादा युवाओं को आमंत्रित किया गया है, जिससे वे 50 साल पहले घटे उस भयावह काले दिन को जान सकें। झांसी जिला के पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी ने इमरजेंसी के दौरान हुई ज्यादतियों के बारे में बताया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, कार्यक्रम जिला संयोजक डॉ राजकुमार जैन, प्रदीप चौबे, राजकुमार जैन, जगदीश लोधी, हरीराम निरंजन, बब्बू राजा बुंदेला, बलराम लोधी, सुभाष जायसवाल, रामेश्वर सड़ैया, दीपक चौबे, भगत सिंह राठौर, गौरव गौतम आदि मौजूद रहे।