ललितपुर। बुंदेलखंड की अनूठी धार्मिक परंपरा का नजारा मंगलवार को शहर में देखने को मिलेगा। डोल ग्यारस/जलविहार महोत्सव में चौबयाना स्थित रघुनाथजी मंदिर समेत शहर के 64 मंदिरों के भगवान अपने गर्भगृह से निकलकर विमानों में सवार होंगे और नगर भ्रमण करते हुए सुम्मेरा तालाब पहुंचेंगे। यहां बांके बिहारी घाट पर प्रयागराज से लाए गए गंगाजल से भगवान के विग्रहों का अभिषेक होगा।
इसके बाद नाव पर सवार कर भगवान को जलविहार कराया जाएगा। सुम्मेरा तालाब के 12 बुर्जों से 21 पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच होने वाली भव्य आरती इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगी। इसके बाद शोभायात्रा मार्ग पर पांच स्थानों पर महाआरती होगी।
आयोजकों के मुताबिक विमानों की शोभायात्रा मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे रावरपुरा, महावीरपुरा, घंटाघर और सावरकर चौक होते हुए सुम्मेरा तालाब पहुंचेगी। रघुनाथजी मंदिर के दो विमान शोभायात्रा में सबसे आगे रहेंगे। तालाबपुरा रोड पर परमहंस मंदिर के विमान अन्य सभी विमानों का स्वागत करेंगे और सबसे पीछे चलकर सुम्मेरा तालाब पहुंचेंगे। मंदिरों से निकलने वाले विमानों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है।
बनारस की गंगा आरती की तर्ज पर होगा आयोजन
सुम्मेरा तालाब पहुंचने पर बांके बिहारी घाट पर भगवान का गंगाजल से अभिषेक कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को नाव पर विराजमान कर जलविहार कराया जाएगा। तालाब के 12 बुर्जों से 21 पंडित वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आरती करेंगे। आयोजकों के मुताबिक आरती बनारस की गंगा आरती की तर्ज पर होगी। जलविहार के बाद शोभायात्रा आगे बढ़ेगी और पांच स्थानों पर महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इनमें सुम्मेरा तालाब, श्रीनृसिंह रामलीला मैदान, श्रीगणेश पंडाल, श्रीजगदीश मंदिर और थानेश्वर मंदिर शामिल हैं।
श्रीरामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी ने बताया कि जलविहार पर्व में सभी मंदिरों के विमानों को निर्धारित क्रम और परंपरा के अनुसार शामिल किया जाएगा। रघुनाथजी मंदिर के दोनों विमान सबसे आगे रहेंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं और विमान लेकर चलने वालों से व्यवस्था बनाए रखने और भागदौड़ से बचने की अपील की है।
घाटों पर एनडीआरएफ की टीमें, पुलिस बल रहेगा तैनात
जलविहार महोत्सव को लेकर प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात की तैयारियां पूरी कर ली हैं। सोमवार को जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने नगर पालिका अध्यक्ष सोनाली जैन और सीओ सिटी के साथ सुम्मेरा तालाब समेत आयोजन से जुड़े प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया। घाटों पर सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ की टीमें उपलब्ध रहेंगी। प्रमुख घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात, पार्किंग और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी ने जलविहार मार्गों, पुलों, घाटों, प्रकाश और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मार्गों और पुलों की मरम्मत तथा अन्य व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
आज स्थानीय अवकाश, स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद
डोल ग्यारस/जलविहार महोत्सव के अवसर पर मंगलवार को जनपद में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। सभी सरकारी, अर्धसरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। चिकित्सा, स्वास्थ्य, पुलिस और विद्युत आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि अवकाश के दिन विद्यालय न खोले जाएं और बच्चों को किसी शैक्षणिक गतिविधि के लिए न बुलाया जाए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। सरकारी कार्यालय और प्रशासनिक दफ्तर भी बंद रहेंगे।