पॉलिटेक्निक परिसर में बनाए गए इस भवन पर 1.37 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, फिर भी यह उपयोग के लिए तैयार नहीं है। निरीक्षण के दौरान एक्सईएन समेत तीन इंजीनियरों को नोटिस देकर तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में निर्माणाधीन 60 सीटों वाले छात्रावास में खामियां मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान ने सख्त रुख अपनाया है। निरीक्षण के दौरान गड़बड़ियां पाए जाने पर कार्यदायी संस्था सीएलडीएफ के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने और खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
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1.37 करोड़ रुपये हो चुके खर्च
राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर में बने महिला छात्रावास का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद इसका लाभ छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है। करीब 1.46 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए इस भवन पर 1.37 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, फिर भी यह उपयोग के लिए तैयार नहीं है। फरवरी 2024 में निर्माण पूरा होने के बाद से छात्रावास बंद पड़ा है और संचालन शुरू नहीं हो सका।
निरीक्षण में सामने आईं थी खामियां
24 अप्रैल को सीडीओ के निरीक्षण में कई खामियां सामने आई थीं। भूतल के बरामदे की ढाल उल्टी बनाई गई है, जिससे बारिश का पानी कमरों की ओर जा सकता है। प्रथम तल पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। कई कमरों की खिड़कियों के शीशे टूटे मिले, जबकि फर्श पर लगे कोटा स्टोन की घिसाई-पॉलिश अधूरी पाई गई। इसके अलावा विद्युत और जलापूर्ति की व्यवस्था भी सुचारु नहीं है। दरवाजों के पल्ले क्षतिग्रस्त हैं और रंगाई-पुताई का कार्य भी मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है।
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नोटिस जारी
सीडीओ ने अधिशासी अभियंता अनिल कुमार राय, सहायक अभियंता राजेंद्र प्रसाद और अवर अभियंता योगेंद्र कुमार को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा है।