जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने अपने पत्र में लिखा है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/ सहायिकाओं के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हो रहीं थीं कि उनके द्वारा अपने कार्यों का सत्यापन सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इससे पता चलता है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी का अपने अधीनस्थों पर कोई नियंत्रण नहीं है, साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी बार- बार लंबे अवकाश पर चली जाती हैं, जिससे पता चलता है कि इनके द्वारा कार्यों में रुचि नहीं ली जा रही है, इससे शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
जिलाधिकारी ने पत्र में लिखा है कि जनहित और कार्यहित को देखते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी माला सोनकर के वित्तीय एवं प्रशासनिक सभी तरह के अधिकार समाप्त कर दिए गए हैं। उनके कार्यों की जिम्मेदारी बाल विकास परियोजना अधिकारी बिरधा नरेंद्र कुमार को सौंपी गई है, साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया कि शासन की प्राथमिकताओं वाले कार्यक्रमों को निर्धारित समय पर पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। इसके लिए उन्हें अलग से कोई यात्रा भत्ता नहीं दिया जाएगा।