ललितपुर। 15 वर्ष से ऊपर की आयु वर्ग के निरक्षर युवक व युवतियों को ककहरा का ज्ञान कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे साक्षर भारत मिशन को गति मिलने की उम्मीद जाग गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिला एवं ब्लाक समन्वयकों को हर महीने 20 केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
जिले के 1.89 लाख चिह्नित निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में लोक शिक्षा केंद्र खोले गए हैं। जिन पर नियुक्त प्रेरक व वालेंटियर टीचर निरक्षरों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं। लेकिन, तमाम प्रेरक लोक शिक्षा केंद्रों की जगह स्कूलों में पहुंच रहे हैं, जिससे निरक्षरों का पठन-पाठन नियमित नहीं चल रहा है।
इसे ध्यान में रखकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एसपी यादव ने जिला व ब्लाक समन्वयकों के निरीक्षण तय कर दिए हैं।
जिला समन्वयकों को हर महीने 20 केंद्रों का निरीक्षण करने होंगे, जबकि ब्लाक समन्वयकों को समूचा विकास खंड देखना होगा। इससे लोक शिक्षा केंद्रों का प्रभावी संचालन होने की आस जग गई है।
इतने हैं ब्लाकवार निरक्षर
बिरधा में 36,384, जखौरा में 38,768, महरौनी में 36,950, मड़ावरा में 28, 070 और तालबेहट में 10,644 निरक्षर चिह्नित हैं।
देंगे विधिक साक्षरता की जानकारी
साक्षर भारत मिशन से जुड़े कर्मी साक्षरों को विधिक साक्षरता की भी जानकारी देंगे, जिससे साक्षर व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों। इस संबंध में जिला समन्वयक अभिलाषा जैन व ब्लाक समन्वयक दिनेश श्रीवास्तव को प्रशिक्षित किया गया है। अब वह स्थानीय स्तर पर वालेंटियर टीचर को प्रशिक्षण देंगें।