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आयुर्वेदिक अस्पतालों में शुरु नहीं हो सकी ओपीडी

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ललितपुर। जिले में आयुर्वेदिक अस्पतालों का हाल बेहाल है। यहां 50 फीसदी अस्पतालों में चिकित्सक नहीं हैं, जो तैनात हैं इनमें से भी 33 फीसदी चिकित्सक कोविड अस्पतालों में लगे हैं। इससे आयुर्वेदिक अस्पतालों में ओपीडी सेवा शुरु नहीं हो सकी है। ऐसे में अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीज उपचार के अभाव में मायूस लौट रहे हैं।
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शासन द्वारा जिले में आयुुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए 32 आयुर्वेदिक और दो यूनानी चिकित्सालय संचालित किए जा रहे हैं, जो ग्रामीण क्षेत्र व कस्बा के साथ शहर में भी संचालित हो रहे हैं, लेकिन, इनमें चिकित्सकों व फार्मासिस्टों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। इतना ही नहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भी कमी बनी हुई है। ऐसी स्थिति में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। जबकि, कोरोना काल के बाद से लोगों का रुझान एलोपैथी चिकित्सा पद्घति से कम होकर आयुर्वेदिक और होम्योपैथी की ओर बढ़ा है। इससे आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
लेकिन, वर्तमान में जिले में संचालित आयुर्वेदिक अस्पताल दोहरी मार झेल रहे हैं। 32 आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के सापेक्ष 33 चिकित्सकों के पद सृजित हैं, इसके सापेक्ष मात्र 18 चिकित्सक ही तैनात हैं। ऐसे में 15 चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। चिकित्सकों की कमी के चलते 14 अस्पतालों में तालाबंदी की नौबत बनी हुई है। लेकिन, इन अस्पतालों को फार्मासिस्टों के सहारे संचालित किया जा रहा है। जबकि, 37 फार्मासिस्टों के सापेेक्ष मात्र 16 ही कार्यरत हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से मुहैया नहीं हो पा रही हैं।
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रही-सही कसर को कोरोना काल ने पूरा कर दिया है। आयुर्वेदिक अस्पतालों से पांच चिकित्सक व दो फार्मासिस्ट को नियमित रुप से कोविड अस्पतालों में लगाया गया है। इससे अब 19 अस्पतालों में चिकित्सक तैनात नहीं है। वहीं दो फार्मासिस्ट भी नियमित लगाए जाने से 14 फार्मासिस्ट ही शेष बच रहे हैं। इस तरह कुल 32 अस्पतालों में से पांच अस्पतालों में न तो चिकित्सक और न ही फार्मासिस्ट हैं। इससे अस्पताल को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही खोल रहे हैं।
ऐसे में अस्पतालों में नियमित रुप से ओपीडी सेवा शुरु नहीं हो पा रही है। अस्पतालों में पहुंच रहे लोग चिकित्सकों के अभाव में बिना उपचार के ही मायूस होकर लौट रहे हैं।
32 अस्पतालों में से छह में तो हालत यह है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही अस्पताल खोल रहे हैं। चिकित्सक व फार्मासिस्ट कोविड अस्पताल में तैनात होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। डीपी मिश्रा जिला आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी
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