जिलाधिकारी द्वारा मूर्ति विसर्जन से पहले जुलूस मार्ग के गड्ढे भरे जाने के निर्देश हवाहवाई साबित हुए। शुक्रवार को गड्ढायुक्त सड़कों से देवी प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकली। भक्त जहां गुलाल उड़ा रहे थे तो जमीन से उसके साथ धूल भी उड़ रही थी।
बृहस्पतिवार को नवरात्र पर्व का समापन हो गया। आज विभिन्न समितियों ने देवी प्रतिमाओं का विसर्जन गोविंद सागर बांध में किया। इससे पहले समितियों ने गाजे बाजे के साथ जुलूस मार्ग से देवी प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्रा निकाली। इस दौरान उन्हें गड्ढायुक्त सड़कों से प्रतिमाओं को ले जाने में काफी असुविधा हुई। बता दें कि जिला मजिस्ट्रेट मानवेंद्र सिंह ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को सड़कों के गड्ढे मूर्ति विसर्जन से पहले भरने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा जुलूस मार्ग के गड्ढे भरने, नाली की निकासी, स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए निर्देशित किया गया था। लेकिन, मूर्ति विसर्जन के दौरान जुलूस मार्ग की हालत खस्ता नजर आई। घंटाघर से चंद कदम की दूरी पर सीसी रोड में एक नाली बनी हुुई है, जिसे आज तक भरा नहीं गया है। इसे महीनों पहले एक निजी टेलीकाम कंपनी ने केबिल डालने के लिए खोदा था। उसके बाद से यूं ही खुदी पड़ी है। इसी मार्ग से भगवान के विमान रामलीला मैदान पहुंचे और रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद रामादल खस्ताहाल मार्ग से गुजरा। समितियों में इस बात को रोष देखा गया।