- फ्री सिलिंडर तो भरवा लिया, अब पैसा बढ़ने से चूल्हे पर बना रहे रोटी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सिलिंडर पर सरकार ने 50 रुपये बढ़ा दिए हैं, इससे सबसे ज्यादा असर उज्ज्वला कनेक्शनधारक को पड़ा है। जिन्हें मुफ्त में सरकार ने कनेक्शन तो दे दिए, लेकिन महंगाई की मार के चलते वह उन सिलिंडर को भरवा नहीं पा रहे हैं। वहीं, आम नागरिकों को भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
भले ही सरकार इनकम टैक्स में आय सीमा बढ़ाकर अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन आम आदमी महंगाई के तले दबा जा रहा है। सरकार ने महिलाओं का रसाेई में धुंआ से आने वाले आंखों के आंसू रोकने के लिए उज्ज्वला कनेक्शन देकर वाहवाही लूट रही है। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है, गैस सिलिंडर रेट सुनकर परिवार के मुखिया परेशान हैं। जनपद में इस योजना के तहत एक लाख 94 हजार उज्ज्वला कनेक्शन वितरित किए गए हैं। यह सभी संयोजन अधिकांश गरीब परिवारों को वितरित किए गए। लेकिन गैस सिलिंडर दाम देखकर लोग इन्हें नहीं भरवा रहे हैं। वर्तमान में गैस सिलिंडर की 849.5 रुपये थी, लेकिन अब इसके दाम पर पचास रुपये का इजाफा कर दिया है। इतनी धनराशि में एक गरीब व्यक्ति महीने भर राशन आ जाए, जितने में वह गैस सिलिंडर भरवाए। ऐसे में सरकार के उज्ज्वला योजना की सफलता को लेकर किए जा रहे दावे बेमानी साबित हो रहे हैं।
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हाल ही में मुझे जिला प्रशासन से गैस चूल्हा और सिलिंडर दिया था, मैं लकड़ी बीनकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हूं, ऐसे में इतना महंगा सिलिंडर कैसे भरा सकती हूं, मुझे तो वही लकड़ी का चूल्हा ही भला है। जितने में गैस सिलिंडर आएगा, उतने में महीने भर का राशन आ जाएगा। -फूला सहरिया
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भले सरकार ने फ्री में गैस चूल्हा व सिलिंडर दिया हो, लेकिन उसे भराने के लिए आय के साधन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। रोजमर्रा के सामान पर महंगाई की मार है, जब सरकार फ्री में सिलिंडर रिफिल कराती है, तभी उसे भरवा लेते हैं।-शारदा
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उज्ज्वला योजना के सिलिंडर पर खाना पकाने का मतलब है, घर के बजट को गड़बड़ करना। हमें तो लकड़ी व गोबर के उपलों पर खाना बनाना सस्ता पड़ता है। क्योंकि इतने में तो महीने भर खर्चा चल सकता है।-पार्वती